सीकर के कांवट इलाके में एक बुजुर्ग महिला अपनी देवरानी की मौत का सदमा नहीं झेल पाई। देवरानी की मौत के 4 घंटे बाद ही उसकी भी मौत हो गई। दोनों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया।
मामला घसीपुरा गांव का है। यहां पर मकर संक्रांति के दिन 83 साल की महिला बिदामी देवी की दोपहर करीब 3 बजे मौत हो गई। जब इस बात का जेठानी नारायणी देवी को पता लगा तो अचानक वह सदमे में आ गई। शाम को करीब 7:30 बजे उसकी भी मौत हो गई।

दोनों के प्रेम की चर्चा जिलेभर में हो रही है। दोनों की एक साथ हुई मौत के बाद परिवार ने भी एक साथ इनका अंतिम संस्कार करने का निर्णय किया। गांव में मोक्ष धाम में एक ही चिता पर दोनों का अंतिम संस्कार किया गया।
इससे पहले सीकर के नीमकाथाना के भूदोली गांव में भी ऐसा ही मामला सामने आया था। जहां पर 58 साल की पतासी देवी की मौत हो गई थी। कुछ घंटे बाद ही उनकी जेठानी माली देवी की भी सदमे में मौत हो गई। दोनों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया था।





