राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (आरएसपीसीबी) द्वारा पर्यावरण संरक्षण और औद्योगिक विकास के बीच संतुलन बनाने की दिशा में ‘एमिशन ट्रेडिंग स्कीम (ETS)’ पर कार्यशाला का आयोजन सोमवार को किया गया। कार्यशाला राज्य के पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग और एमिशन मार्केट एक्सीलरेटर (EMA) के सहयोग से होटल मैरियट में आयोजित की गई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर राज्य सरकार द्वारा बजट में इस संबंध में घोषणा की गई थी और उसी के क्रम में यह कार्यशाला आयोजित हुई। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य क्षमता संवर्धन, स्थानीय परिस्थितियों के प्रति अनुकूलन एवं साझा सहयोग को प्रोत्साहित करना रहा।
कार्यशाला में राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अध्यक्ष आलोक गुप्ता ने कहा कि एमिशन ट्रेडिंग स्कीम आज समय की जरूरत है और भविष्य में इसे सभी हितधारकों के सहयोग से लागू करना ही होगा। उन्होंने बताया कि एमिशन ट्रेडिंग स्कीम कई समय से विश्व के विकसित देशों में चल रही है और भारत में गुजरात पहला राज्य है जहां इसे लागू किया गया। आलोक गुप्ता ने बताया कि और जल्द ही सल्फर डाई ऑक्साइड (SO₂) की एमिशन ट्रेडिंग शुरू की जाएगी। यह कार्यशाला औद्योगिक संगठनों के साथ आयोजित होने वाली कार्यशालाओं की श्रृंखला में पहली कार्यशाला है। इसी की तर्ज पर भविष्य में कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा।
कार्यशाला में मंडल के सदस्य सचिव कपिल चंद्रवाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस दौरान एमिशन मार्केट एक्सीलरेटर के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर कौशिक देब, डॉ रतीश मैनन, सदस्य सचिव, केएसपीसीबी,तेजस पटेल, मुख्य अभियंता, जीएसपीसीबी, एपिक इंडिया, एनईएमएल, राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल के वरिष्ठ अधिकारीगण एवं क्षेत्रीय अधिकारीगण उपस्थित रहें।
मार्केट ओवरसाइट कमिटी की प्रथम समीक्षा बैठक का हुआ आयोजन-
कार्यशाला के पश्चात अध्यक्ष, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल आलोक गुप्ता की अध्यक्षता में मार्केट ओवरसाइट कमिटी की प्रथम समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। यह कमेटी राजस्थान में एमिशन ट्रेडिंग स्कीम को लागू करने की रूपरेखा को तैयार करेगी। इस दौरान मंडल के सदस्य सचिव कपिल चंद्रवाल, एमिशन मार्केट एक्सीलरेटर के प्रतिनिधि, राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल के वरिष्ठ अधिकारीगण एवं क्षेत्रीय अधिकारीगण उपस्थित रहें।





