भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा नगरीय विकास एवं आवासन विभाग, राजस्थान सरकार के अधिकारियों/कार्मिकों के लिए दो दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा हैं जिसका सोमवार को जयपुर स्तिथ आरआईसी में शुभारंभ हुआ । इस कार्यशाला का उद्देश्य शहरी विकास, आवास एवं निर्माण सेवाओं से संबंधित क्षेत्रों में भारतीय मानकों की उपयोगिता, अनुपालन एवं उनके प्रभावी कार्यान्वयन के संबंध में जागरूकता एवं क्षमता संवर्धन करना है ।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता मुख्य अतिथि देबाशीष पृष्टि,प्रमुख शासन सचिव, शहरी विकास एवं आवासन विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा की गई। अपने अध्यक्षीय संबोधन में श्री पृष्टि ने शहरी अवसंरचना, आवास एवं नागरिक सेवाओं में गुणवत्ता, सुरक्षा और टिकाऊ विकास सुनिश्चित करने के लिए भारतीय मानकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा की तेजी से बढ़ते शहरीकरण के दौर में अधिकारियों का तकनीकी रूप से सशक्त होना समय की आवश्यकता है। इस प्रकार की क्षमता संवर्धन कार्यशालाएं अधिकारियों को नवीन निर्माण तकनीकों, आधुनिक परियोजना प्रबंधन पद्धतियों एवं सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं। शहरी विकास परियोजनाओं की सफलता गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं भारतीय मानकों के प्रभावी अनुपालन पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि BIS के मानकों को अपनाकर न केवल निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकती है, बल्कि नागरिकों को सुरक्षित एवं टिकाऊ अवसंरचना भी उपलब्ध कराई जा सकती है। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के विकसित राजस्थान के संकल्प को साकार करने में नगरीय विकास एवं आवासन विभाग की अहम भूमिका है, BIS मानकों के अनुरूप निर्माण कार्य कर हम अंतरराष्ट्रीय स्तर की निर्माण तकनीकों से कदमताल मिला सकते हैं ।
उद्गाटन सत्र के दौरान भारतीय मानक ब्यूरो, राजस्थान की निदेशक एवं प्रमुख, कनिका कालिया ने अपने उद्बोधन में बताया कि BIS न केवल मानक बनाने वाली संस्था है, बल्कि यह सरकार, उद्योग और उपभोक्ताओं के बीच सेतु की भूमिका निभाता है। उन्होंने बताया कि इस कार्यशाला में परियोजना प्रबंधन, भू-तकनीकी जांच, अच्छी निर्माण प्रथाएं, अग्नि एवं जीवन सुरक्षा, भवन सेवाएं, वॉटरप्रूफिंग, दिव्यांगजन हेतु सुगम्यता, नवीन सामग्री, गुणवत्ता परीक्षण, परिसंपत्ति प्रबंधन, रेट्रोफिटिंग तथा वर्षा जल संचयन जैसे विषयों को शामिल किया गया है। यह सभी विषय सीधे तौर पर नगरीय विकास विभाग के कार्यक्षेत्र से जुड़े हुए हैं और नगरीय विकास से संबंधित कार्यों की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में सहायक हैं। BIS द्वारा जारी मानक यह सुनिश्चित करते हैं कि लाभार्थियों को सुरक्षित आवास मिले, शहरों में टिकाऊ परिसंपत्तियां विकसित हों और नागरिकों को दी जाने वाली सेवाएं भरोसेमंद हों।
कार्यक्रम के दौरान बीआईएस के विशेषज्ञों द्वारा निर्माण सामग्री, भवन सुरक्षा, ऊर्जा दक्षता, जल एवं स्वच्छता, स्मार्ट सिटी से जुड़े मानकों सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। साथ ही प्रतिभागियों के साथ संवादात्मक सत्र के माध्यम से उनके प्रश्नों का समाधान किया गया।
कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवासन विभाग, जयपुर विकास प्राधिकरण, राजस्थान आवासन मंडल, सार्वजनिक निर्माण विभाग आदि के लगभग 110 से अधिक अधिकारी एवं अभियंता उपस्थित रहे ।






