राजस्थान की आत्मा उसके इतिहास में बसती है पर उसका भविष्य उसकी कक्षाओं में आकार लेता है। वीरता और विरासत की इस धरती पर आज शिक्षा नवचेतना, नवाचार और नैतिक मूल्यों की लौ बनकर प्रज्वलित हो रही है। इसी सतत प्रयास की कड़ी में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 23 जनवरी को विश्वविद्यालय कॉमर्स कॉलेज, जयपुर में मेगा पेरेंट्स–टीचर्स मीटिंग (मेगा पीटीएम) का आयोजन किया जा रहा है, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा करेंगे।
विद्या, राष्ट्र और प्रेरणा को समर्पित होगा सांस्कृतिक शुभारंभ
इस संबंध में अधिक जानकारी देते हुए स्कूल शिक्षा विभाग के शासन सचिव कृष्ण कुणाल ने बताया कि बसंत पंचमी के पावन अवसर पर आयोजित मेगा पीटीएम का शुभारंभ माँ सरस्वती जी के विधि-विधान से पूजन एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया जाएगा। इस दौरान उपस्थित जनसमूह द्वारा सामूहिक सरस्वती वंदना प्रस्तुत की जाएगी, जिससे समूचा वातावरण विद्या, विवेक और वाणी की आराधना से ओतप्रोत हो उठेगा।
इसी के साथ ही कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ गीत का सामूहिक गायन किया जाएगा, जो विद्यार्थियों और अभिभावकों में राष्ट्रप्रेम, एकता और कर्तव्यबोध की भावना को और अधिक प्रबल करेगा।
इसी क्रम में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती के उपलक्ष्य में माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। यह क्षण विद्यार्थियों के लिए साहस, त्याग और राष्ट्रसेवा के आदर्शों से प्रेरणा लेने का अवसर बनेगा।
संवाद से सशक्तिकरण : शिक्षा का जीवंत स्वरूप
राज्य सरकार का मानना है कि शिक्षा केवल पाठ्यक्रम का संकलन नहीं, बल्कि संवाद की संवेदना और सहभागिता की संस्कृति है। मेगा पीटीएम उसी दर्शन का सजीव उदाहरण है, जहाँ करीब 65 लाख अभिभावक एक साथ इस अभियान से जुड़ने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों से सीधा संवाद कर शिक्षा की जमीनी वास्तविकताओं, अपेक्षाओं और समाधान पर विचार-विमर्श करेंगे।
एक दिन, कई सौगातें : छात्रों के लिए बहुआयामी पहल
यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए एक दिन में कई ऐतिहासिक सौगातें लेकर आ रहा है।
ट्रांसपोर्ट वाउचर योजना के अंतर्गत लगभग साढ़े चार लाख विद्यार्थियों को लगभग 53 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) के माध्यम से हस्तांतरित की जाएगी, जिससे उनकी विद्यालय तक पहुंच और अधिक सुगम होगी।
इसके साथ ही
संपूर्ण राज्य में लगभग 80 हजार बालिकाओं को निःशुल्क साइकिल प्रदान की जाएगी । वहीं 3 लाख से अधिक बालिकाओं को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत डीबीटी लाभ मिलेगा।जिसके तहत बालिका शिक्षा, निरंतरता और आत्मनिर्भरता को विशेष बल दिया जाएगा
पोषण और प्रज्ञा का संगम : कृष्ण भोज
मेगा पीटीएम के साथ आयोजित कृष्ण भोज कार्यक्रम इस विश्वास को सुदृढ़ करता है कि स्वस्थ शरीर में ही सशक्त मस्तिष्क का वास होता है। यह पहल विद्यार्थियों के पोषण, स्वास्थ्य और एकाग्रता को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार की मानवीय प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
सीखना जब उत्सव बने : निपुण मेला
इस अवसर पर पीईईओ/यूसीईईओ स्तर के विद्यालयों में निपुण मेले आयोजित किए जाएंगे, जहाँ बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक दक्षताओं से जुड़ी गतिविधियों, शिक्षण मॉडलों और नवाचारों का प्रदर्शन होगा। यह मेला उस सोच का प्रतीक है जहाँ शिक्षा डर नहीं, जिज्ञासा और बोझ नहीं, आनंद बनती है।
नेतृत्व का संवाद : संकल्प से समाधान तक
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा इस राज्य स्तरीय समारोह में शिक्षा विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे तथा शिक्षा को मूल्य-आधारित, व्यवहारिक और भविष्य उन्मुख बनाने के संकल्प को दोहराएंगे। यह संवाद इस विश्वास को और सुदृढ़ करेगा कि राजस्थान का प्रत्येक विद्यार्थी समान अवसर, सम्मान और सफलता का अधिकारी है।
शिक्षित राजस्थान : संस्कारों से सशक्त समाज तक
मेगा पीटीएम में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षकगण, अभिभावक,छात्र – छात्राएं एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। यह आयोजन ‘शिक्षित राजस्थान’ के स्वप्न को साकार करने की दिशा में एक निर्णायक कदम सिद्ध होगा—जहाँ शिक्षा केवल पाठ्यक्रम नहीं, बल्कि संस्कार, संवेदना और सृजनशीलता की सतत यात्रा बनेगी।






