Home » राजस्थान » सीकर में 9 साल पहले पूर्व सरपंच के मर्डर का-VIDEO:चुनावी रंजिश में शूटर्स ने गोलियों से भूना था; आनंदपाल गैंग के सुभाष बराल ने जेल से की थी पूरी प्लानिंग

सीकर में 9 साल पहले पूर्व सरपंच के मर्डर का-VIDEO:चुनावी रंजिश में शूटर्स ने गोलियों से भूना था; आनंदपाल गैंग के सुभाष बराल ने जेल से की थी पूरी प्लानिंग

सीकर में 9 साल पहले राजनीतिक रंजिश में पूर्व सरपंच सरदार राव को दिनदहाड़े गोलियों से भूना गया था। मर्डर के लिए चार शूटर्स सीकर आए थे।

हालांकि इस मामले में गैंगस्टर लॉरेंस और एक अन्य आरोपी बरी हो गया है। आरोपी हरदेवा राम, शूटर हरविंद्र और अरुण को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। 6 आरोपियों को 10-10 साल की सजा सुनाई गई है।

पुलिस की चार्जशीट के अनुसार इस मर्डर की पटकथा आनंदपाल गैंग के सुभाष बराल और एक गैंगस्टर ने अजमेर सेंट्रल जेल से लिखी थी। मर्डर की सुपारी देने वाला भी सुभाष बराल का चाचा था।

गैंगस्टर ने जेल से ही अपने शूटर्स को मर्डर के लिए भेजा था। बराल ने उनके खाने-पीने और रहने का इंतजाम करवाया था। मर्डर होते ही जेल में बराल ने अपना मोबाइल जला दिया था। मामले में 9 साल बाद फैसला आया है।

पढ़िए- इस हाईप्रोफाइल मर्डर की पूरी कहानी…

1. राजनीतिक रंजिश बनी थी मर्डर का कारण 2017 में पुलिस चार्जशीट के अनुसार, सरदार राव सीकर के पास जुराठड़ा गांव से 2010 से 2014 तक सरपंच रहे थे। 2015 के चुनाव में हार गए थे। सरदार राव को गांव की राजनीति में सक्रिय रहने वाले हरदेवा राम के बेटे संदीप ने हराया था।

सरपंच बनने के बाद संदीप की बतौर टीचर सरकारी नौकरी लग गई थी। इस कारण उसे सरपंच पद से इस्तीफा देना पड़ा था। हरदेवा राम गांव की राजनीति में काफी सक्रिय था।

उस पर पॉक्सो एक्ट और एससी-एसटी एक्ट का मामला चल रहा था। बेटे के सरपंच पद से इस्तीफा देने के बाद उपचुनाव होने थे। ऐसे में वह अपने ही परिवार के किसी सदस्य को चुनाव लड़वाना चाहता था।

वहीं, सरदार राव भी चुनाव लड़ने की तैयारी में था। ग्राम पंचायत में माहौल बन चुका था कि इस बार सरदार राव ही सरपंच बनेगा। ऐसे में हरदेवा राम को चुनाव हारने का डर सताने लगा था और उसने सरदार राव को रास्ते से हटाने की ठान ली थी।

2. चुनाव से पहले सीकर कलेक्ट्रेट में मारने की दी थी धमकी सितंबर 2017 में उप चुनाव होना प्रस्तावित था। इससे पहले जुलाई 2017 में वोटर लिस्ट में नए नाम जुड़वाने का काम चल रहा था। 28 जुलाई को सरदार राव और हरदेवा राम अपने-अपने लोगों के नाम जुड़वाने के लिए सीकर कलेक्ट्रेट की निर्वाचन शाखा पहुंचे थे।

यहां दोनों का आमना-सामना हुआ था। तब हरदेवा राम ने सरदार राव को धमकी दी थी- “चुनाव से पहले तुम्हें देख लूंगा और मरवा दूंगा।”

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

0
0

RELATED LATEST NEWS

infoverse academy

Top Headlines

टेंपोट्रेक्स की टक्कर से बाइक सवार की मौत:गुढ़ागौड़जी में स्टेट हाईवे-37 पर हुआ हादसा

गुढ़ागौड़जी कस्बे के लीला की ढाणी क्षेत्र में शुक्रवार शाम स्टेट हाईवे-37 पर हुए एक सड़क हादसे में बाइक सवार