भीलवाड़ा के मांडल थाना क्षेत्र के मेजा डैम में चार युवकों की डूबने की मॉकड्रिल की गई।
बड़ी संख्या में लोग मौके पर इकट्ठा हो गए, सूचना मिलने के बाद पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी, एसडीआरएफ की टीम ओर स्थानीय गोताखोर मौके पर पहुंचे।
इसके बाद रेस्क्यू कर चारों युवकों की बॉडी को डेम से बाहर निकाला गया। मेजा डेम के आसपास बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई।

मेजा डेम पर हुई मॉकड्रिल
आपातकालीन स्थिति और डेम में किसी के डूबने पर तुरंत उन्हें किस प्रकार से राहत मिल सके और बचाए जा सके इसे लेकर आज भीलवाड़ा के मांडल थाना क्षेत्र के मेजा डैम में मॉकड्रिल की गई। इस दौरान चार युवकों के मेजा डैम में डूबने की सूचना प्रसारित की गई तुरंत एनडीआरएफ की टीम स्थानीय गोताखोर,मांडल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी डैम पर पहुंचे,गोताखोर एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू किया।
सूचना मिलते ही अधिकारी पहुंचे
सूचना मिलने पर उपखंड अधिकारी संजना जोशी मौके पर पहुंचीं। उनके साथ ब्लॉक स्तरीय अधिकारी,पुलिस प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं की टीमें भी मेजा बांध पहुंच गईं।
स्टेट डिजास्टर रेस्पॉन्स फोर्स (SDRF) को भी मौके पर बुलाया गया,जिन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान संभालते हुए पानी में खोज एवं बचाव कार्य का अभ्यास किया।

मेडिकल टीम अलर्ट रही
घटनास्थल पर 108 एंबुलेंस सेवा को अलर्ट मोड पर रखा गया। मेडिकल की टीमों ने संभावित घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार देने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं तैयार रखीं। पुलिस बल ने बांध क्षेत्र में सुरक्षा घेरा बनाकर आम लोगों की आवाजाही सीमित की, ताकि राहत और बचाव कार्य में बाधा न आए। मॉकड्रिल के दौरान पानी में फंसे लोगों को निकालने, उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की पूरी प्रक्रिया का अभ्यास किया।
पानी वाले स्थानों पर सावधानी रखें
उपखंड अधिकारी संजना जोशी ने बताया कि इस तरह की मॉकड्रिल का उद्देश्य आपदा की स्थिति में विभागों के बीच बेहतर तालमेल और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि जलाशयों के आसपास सतर्क रहें और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।







