ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने शुक्रवार को विधानसभा में बताया कि महिला सशक्तीकरण की दिशा में ‘लखपति दीदी’ योजना महत्वपूर्ण पहल है, जिसके तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त किया जाता है। इसमें स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का वित्तीय साक्षरता, ऋण, कौशल विकास, और उद्यमशीलता के ज़रिए आत्मनिर्भर बनाया जाता है ताकि ये महिला ‘लखपति दीदी’ बन सके और उनकी आय प्रति वर्ष 1 लाख रूपये हो जाए।
ग्रामीण विकास मंत्री प्रश्नकाल के दौरान विधायक शोभा चौहान द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि सोजत विधानसभा क्षेत्र में राजीविका के अन्तर्गत एक हजार 392 स्वयं सहायता समूह गठित है, जिनमें 20 हजार 621 महिलाएं जुडी हुई हैं। इनमें से 278 स्वयं सहायता समूहों की 2 हजार 768 महिलाएं लखपति दीदी की श्रेणी में आती हैं। उन्होंने इनका विवरण सदन के पटल पर रखा।
इससे पहले सदस्य के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने या लखपति दीदी बनने के लिए कोई आवेदन नहीं लिया जाता है।





