भरतपुर के जवाहर नगर स्थित कब्रिस्तान में लाइटें बंद होने से अंतिम संस्कार अंधेरे में करना पड़ा। मृतक के परिजनों ने टॉर्च और वाहनों की लाइट जलाकर शव को दफनाया।
यह स्थिति तब सामने आई जब गोपालगढ़ निवासी 75 साल की महिला का निधन हुआ और परिजन रात में शव लेकर कब्रिस्तान पहुंचे।
लाइट व्यवस्था को लेकर नगर निगम से कई बार शिकायत के बावजूद समस्या बनी हुई है।
अंधेरे में करना पड़ा शव दफन भरतपुर में शमशान घाट के बाद अब कब्रिस्तान में भी अंधेरे में अंतिम संस्कार का मामला सामने आया है।
जवाहर नगर स्थित कब्रिस्तान में लाइटें नहीं जलने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। चारों तरफ अंधेरा होने से अंतिम संस्कार की प्रक्रिया प्रभावित हुई।

टॉर्च और वाहनों की रोशनी का सहारा कब्रिस्तान में लाइट नहीं होने पर परिजनों और अन्य लोगों ने टॉर्च और वाहनों की लाइट जलाकर उजाला किया। इसी रोशनी में शव को दफनाया गया।
अंधेरे की वजह से लोगों को करीब 1 घंटे तक परेशानी झेलनी पड़ी।
गोपालगढ़ निवासी महिला का हुआ था निधन गोपालगढ़ निवासी बन्नो 75 साल का सोमवार शाम करीब 5 बजे निधन हो गया था। वह कई दिनों से बीमार थीं।
रात करीब 8 बजे परिजन शव को जवाहर नगर स्थित कब्रिस्तान लेकर पहुंचे, जहां पूरी तरह अंधेरा था।

दो महीने से बंद पड़ी हैं लाइटें कब्रिस्तान कमेटी के कैशियर जहीर खान ने बताया कि करीब 2 महीने पहले तक कब्रिस्तान में लाइटें चालू थीं।
कनेक्शन टूटने के बाद से लाइटें बंद हैं। इस समस्या को लेकर नगर निगम आयुक्त, टोल फ्री 181 नंबर और नगर निगम के केम्प में कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
लोगों को रोजमर्रा में हो रही परेशानी जवाहर नगर स्थित कब्रिस्तान में लाइट व्यवस्था नहीं होने से रात के समय अंतिम संस्कार करने वालों को लगातार परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों ने जल्द से जल्द लाइटें चालू कराने की मांग की है।






