केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) से संबंधित नए कानून के विरोध में सामान्य वर्ग सवर्ण समाज की शुक्रवार को देर शाम सेठ गुजरमल धर्मशाला में हुई।
बैठक में विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई, जिसके बाद उपस्थित सदस्यों ने नए UGC कानून को ‘काला कानून’ बताया। उन्होंने इस कानून को वापस लेने की मांग की।
सवर्ण समाज ने आगामी 8 फरवरी को कस्बे में शांतिपूर्ण रैली निकालने का निर्णय लिया है। इस रैली के बाद एसडीएम को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा जाएगा।
सवर्ण समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि नया UGC कानून भारत की उच्च शिक्षा व्यवस्था, प्रतिभाशाली छात्रों के भविष्य और भारतीय संविधान की मूल भावना के विरुद्ध है।
उन्होंने तर्क दिया कि ये कानून योग्यता, परिश्रम और प्रतिभा के बजाय वर्गीकरण और असमानता को बढ़ावा देगा, जिससे लाखों मेहनती छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो सकता है।
समाज ने कहा कि भारत की शिक्षा प्रणाली केवल डिग्री वितरण का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है, और ऐसे कानून शोध, अकादमिक स्वतंत्रता तथा नवाचार पर प्रतिकूल प्रभाव डालेंगे।
सवर्ण समाज ने बताया कि इसी कारण देशभर में इस कानून के खिलाफ आक्रोश देखा जा रहा है और भुसावर का सवर्ण समाज भी इसका खुलकर विरोध कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस कानून को वापस नहीं लिया, तो आने वाले समय में देशव्यापी बड़ा आंदोलन किया जाएगा।





