उदयपुर में नगरीय विकास कर (UD Tax) की वसूली को लेकर नगर निगम अब पूरी तरह एक्शन मोड में है। आयुक्त अभिषेक खन्ना के निर्देश पर निगम की टीम ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर के अलग-अलग इलाकों में 6 व्यावसायिक संपत्तियों को सीज कर दिया। निगम की इस सख्ती का असर भी तुरंत देखने को मिला, जहां दो संपत्ति मालिकों ने कार्रवाई के फौरन बाद अपना बकाया टैक्स जमा करवा दिया।
निगम की टीम ने शुक्रवार सुबह सबसे पहले सुंदरवास मेन रोड पर अकीला बाई और मंसूर अहमद की संपत्ति पर ताला जड़ा, जिन पर करीब 20.29 लाख रुपए का टैक्स बकाया था। इसके बाद टीम ने सज्जन नगर स्थित रामचंद्र सुथार, गोवर्धन विलास में देवेंद्र नाथ, सेक्टर 4 के आदर्श कॉम्प्लेक्स, मधुबन में अनुपम बंसल और पानेरियों की मादड़ी में कन्हैया लाल की संपत्तियों को सीज किया।
इन सभी पर लाखों रुपए का टैक्स बकाया चल रहा था। जैसे ही निगम ने संपत्तियों को सीज कर व्यावसायिक गतिविधियां रोकीं, व्यापारियों में हड़कंप मच गया। मधुबन इलाके में अनुपम बंसल ने 3.57 लाख रुपए और सज्जन नगर के रामचंद्र सुथार ने 3.38 लाख रुपए का बकाया टैक्स तुरंत निगम कार्यालय पहुंचकर जमा कराया। पैसा जमा होते ही निगम ने इन दोनों इमारतों के ताले वापस खोल दिए।
किसी ने भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने बताया- इन सभी फर्मों को पहले नोटिस दिए गए थे, लेकिन किसी ने भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया। राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 के तहत यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि जिन लोगों के पास नोटिस पहुंच चुके हैं, वे जल्द टैक्स जमा करा दें, वरना सीजिंग की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
राज्य सरकार टैक्स में अच्छी-खासी छूट दे रही आयुक्त ने उदयपुर के लोगों को सलाह दी है कि अभी राज्य सरकार टैक्स में अच्छी-खासी छूट दे रही है और इसकी तारीख भी बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार यह पैसा वसूल कर ही रहेगी, इसलिए समझदारी इसी में है कि आखिरी तारीख का इंतजार किए बिना छूट का फायदा उठाएं और अपना बकाया जमा कर कानूनी पचड़ों से बचें।






