चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने केंद्रीय बजट 2026-27 का स्वागत करते हुए कहा कि यह बजट युवा,गरीब,महिला,किसान और मध्यम वर्ग की आकांक्षाओं को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है।बुनियादी ढांचे, शिक्षा, कौशल विकास,एमएसएमई, पर्यटन और सामाजिक सुरक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य क्षेत्र पर विशेष रूप से फोकस किया गया है।बजट में किए गए प्रावधान विकसित भारत के विजन, आर्थिक सशक्तिकरण और मानवीय विकास को गति देंगे।चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में की गई घोषणाएं आमजन को बेहतर,सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में निर्णायक साबित होंगी
साथ ही खींवसर ने कहा है कि अगले 5 वर्षों में 1 लाख नए संबद्ध स्वास्थ्य पेशेवर (AHP) तैयार करने के प्रावधान से अस्पतालों में कुशल मानव संसाधन बढ़ेगा। वरिष्ठ नागरिकों और दीर्घकालिक रोगियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 1.5 लाख केयर प्रोवाइडर्स के प्रशिक्षण का निर्णय केयर ईकोनोमी को बढ़ावा देगा।मेडिकल वैल्यू टूरिज्म बढ़ाने के लिए 5 क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्रों की स्थापना, 3 नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना,आयुष फार्मेसी व औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं का उन्नयन ऐसे बड़े प्रावधान हैं, जिनसे स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।
चिकित्सा मंत्री ने कहा है कि बजट में 10 हजार करोड़ रूपए की लागत से बायो फार्मा शक्ति योजना लाई जाएगी, जिससे सस्ती,गुणवत्तापूर्ण दवाओं, क्लिनिकल रिसर्च और फार्मा शिक्षा को नई गति मिलेगी। राजस्थान में भी फार्मा सेक्टर को इस घोषणा से मजबूती मिलेगी।साथ ही,कैंसर सहित अन्य दुर्लभ बीमारियों की दवाएं सस्ती होने से रोगियों को सीधा लाभ मिलेगा।
साथ ही चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा है कि केंद्रीय बजट में की गई घोषणाओं से प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा,स्वास्थ्य अधोसंरचना,आयुष, नर्सिंग और पैरामेडिकल सेक्टर को मजबूती मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट स्वस्थ भारत–सशक्त भारत की दिशा में एक ठोस और दूरदर्शी कदम है।






