Home » जयपुर » मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने श्री शिव महापुराण कथा का किया श्रवण

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने श्री शिव महापुराण कथा का किया श्रवण

सनातन संस्कृति के पर्व एवं परंपराएं समाज को करती हैं सशक्त

नवरात्र पर शिव महापुराण कथा का आयोजन अद्भुत संगम

शिव व शक्ति के संगम से बढ़ा आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार:मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

न्यूज इन राजस्थान सुनील शर्मा
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को मानसरोवर में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा एवं महामृत्युंजय रूद्र महायज्ञ में सपत्नीक भाग लिया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शिव महापुराण कथा का श्रवण किया तथा भगवान शिव की आरती कर प्रदेश की खुशहाली एवं आमजन की सुख-समृद्धि की कामना की।इससे पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा का दुपट्टा ओढ़ाकर अभिनंदन किया।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में कथाएं, उत्सव और त्योहार समाज को सशक्त करने का काम करते हैं।नवरात्र और नववर्ष के पावन अवसर पर शिव महापुराण कथा का आयोजन शिव और शक्ति के अद्भुत संगम का प्रतीक है। मां दुर्गा की आराधना से जीवन में शक्ति का संचार होता है।वहीं शिव महापुराण कथा की अमृतवर्षा से मन में शांति और मोक्ष का बोध होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान शिव मृत्युंजय हैं और उनकी आराधना से मनुष्य अकाल मृत्यु पर विजय प्राप्त कर सकता है।शिव भक्ति से बढ़कर कोई कवच नहीं है।उन्होंने कहा कि भगवान शिव साधना,आराधना,उपासना और संयम के प्रतीक हैं तथा वे हमें सिखाते हैं कि माया और मोह से परे रहकर मानवता की रक्षा करना हमारा धर्म है।

साथ ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति को मजबूती देने के अनेक कार्य हुए हैं।सदियों की प्रतीक्षा के बाद अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा हुई।इसी तरह काशी विश्वनाथ कॉरिडोर,उज्जैन में महाकाल कॉरिडोर के साथ केदारनाथ एवं बद्रीनाथ जैसे आस्था धामों का अभूतपूर्व विकास हुआ है।हमारी सरकार धर्म, संस्कृति और आस्था को जनजीवन का अभिन्न अंग मानते हुए मंदिरों,तीर्थ स्थलों के समुचित विकास के लिए कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि पंडित प्रदीप मिश्रा की सरल भाषा,गहन शास्त्र ज्ञान और भक्ति-रस से परिपूर्ण कथा शैली ने युवा पीढ़ी को सनातन संस्कृति से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।उनके श्रीमुख से प्रवाहित कथा जीवन के कष्ट,भय और संताप को उसी प्रकार दूर करती है,जैसे भगवान शिव ने विषपान कर सृष्टि की रक्षा की थी।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि शिव पुराण,राम कथा,गीता और भागवत कथा से ज्ञान की गंगा प्रवाहित होती है, जो जीवन को सार्थकता प्रदान करती है। हमारे ऋषि,मुनि,संत-महात्मा हम सभी को जीवन में सही मार्ग दिखाते हैं।उनके उपदेशों को जीवन में अपनाकर हम अपने जीवन को सफल बना सकते हैं।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

0
0

RELATED LATEST NEWS

7k Network

Top Headlines