7 महीने की मासूम खौलते पानी के भगोने में गिर गई। वह 8 साल की अपनी एक रिश्तेदार की गोद में थी। यहां काम कर रहे हलवाइयों ने दौड़ कर उन्हें संभाला। इलाज के दौरान मासूम की मौत हो गई जबकि 8 साल की बच्ची का इलाज जारी है। हादसा बीकानेर से करीब 45 किमी दूर गजनेर के अगनेऊ गांव में सोमवार शाम का है। झुलसी बच्ची को बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में भर्ती है।
बैलेंस बिगड़ने पर पैर लड़खड़ाया, बच्ची गिरी
परिचितों के अनुसार, अगनेऊ गांव निवासी रामदेव के बेटों की शादी थी। शादी में नाते-रिश्तेदार और पड़ोसी आए हुए थे। खाना बनाने के लिए घर में ही हलवाई लगे हुए थे। अंकिता (8) और सात महीने की तनुजा पुत्री गौरीशंकर नाई भी बींझरवाली गांव से अपने परिवार के साथ शादी में पहुंची थी। अंकिता अपनी गोद में तनुजा को लेकर घूम रही थी। इस दौरान वे खाना बनाने वाली जगह पर पहुंच गई। एक बड़े भगोने में आलू उबालने के बाद रखा पानी खौल रहा था। इस दौरान अचानक अंकिता का बैलेंस बिगड़ गया और पैर लड़खड़ा गया। वह संभलती इतने में ही छोटी बच्ची तनुजा उसके साथ छिटक गई और उबलते आलू के भगोने में गिर गई।80 फीसदी झुलस गई थी बच्ची
परिचतों ने बताया- गर्म पानी अंकिता के ऊपर भी आकर गिर गया। चीख-पुकार मचते ही सब लोग बच्चियों को बचाने भागे। हलवाइयों ने दोनों बच्चियों को उठाया। इसके बाद परिवार के लोग दोनों को पीबीएम हॉस्पिटल लेकर गए। सात महीने तनुजा 80 फीसदी झुलस गई थी। उसके पूरे शरीर की चमड़ी उतर गई थी। नन्ही सी बच्ची की जलने से मौत हो गई। वहीं अंकिता का हाथ झुलसा है और उसका इलाज चल रहा है।
भात भरने आए थे दादा
सात महीने की बच्ची तनुजा अपनी मां के साथ शादी में आई थी। तनुजा के दादा ईश्वर राम अपने दोहिते का भात भरने के लिए अगनेऊ गांव आए थे। इस दौरान हादसा हो गया। घटना के बाद विवाह के माहौल में मातम छा गया। तनुजा के पिता खेती-बाड़ी का काम करते हैं। उसकी एक जुड़वा बहन भी है।






