जयपुर में शनिवार को एक युवक के अपहरण के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बदमाशों को अजमेर-भीलवाड़ा मार्ग पर घेराबंदी कर पकड़ा। इस दौरान पुलिस ने बदमाशों के पास से दो कार बरामद की हैं। दोनों कार में फर्जी नम्बर प्लेट लगी थी। वहीं, दोनों कार के शीशे पर एमएलए और एमपी के स्टीकर लगे थे। हालांकि पुलिस का कहना है कि अभी बदमाश गिरफ्तार हुए हैं। इसकी जांच की जाएगी की यह किसी एमपी या एमएलए की तो कार नहीं है।
एसीपी सोडाला योगेश चौधरी ने बताया- दामोदर के अपहरण की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। सूचना देने वाले दामोदर का दोस्त विकास जोशी मिला। जिसने पुलिस को बताया की बदमाश दामोदर का अपहरण कर के ले गए हैं। मौके पर लगे हुए सीसीटीवी फुटेज देखी। इसके बाद पुलिस ने भीलवाड़ा, अजमेर, चित्तौड़ पुलिस से सम्पर्क किया। बदमाशों की लोकेशन के आधार पर उन्हें ट्रेस करने लगे। बदमाशों ने पीड़िता दामोदर के परिवार में फोन करके धमकी दी की अगर 10 लाख रुपए नहीं दिए तो उसकी हत्या कर देंगे। आरोपियों ने दामोदर के साथ रास्ते में जमकर मारपीट भी की थी।
पुलिस ने अपहरण करने वाले भीलवाड़ा निवासी फैजल खान, चितौड़ निवासी अब्दुल सलाम और मेड़ता निवासी रवी वैष्णव को गिरफ्तार कर लिया है। अभी पुलिस वारदात के मास्टर माइंड शाहरुख और महीपाल सहित एक अन्य की तलाश कर रही है। प्रारम्भिक पूछताछ में बदमाशों ने बताया- उनका और दामोदर के बीच 10 लाख रुपए के लेनदेन का विवाद था। दामोदर पैसा नहीं दे रहा था। इसके चलते उन्होंने दामोदर का अपहरण किया।
अपहरण वाली गाड़ियों पर एमपी-एमएल के स्टीगर
पुलिस ने वारदात में उपयोग ली गई दो कारों को जब्त किया है। इसमें एक एक्सयूवी 300 और स्कॉर्पियों है। इसमें एक कार के शीशे पर एमएलए और दूसरी कार के शीशे पर एमपी के पोस्टर लगे हुए हैं। एसीपी सोडाला का कहना है कि अभी इस वारदात के मास्टर माइंड तीन बदमाश गिरफ्तारी से दूर हैं। इन स्टीकर के बारे में आगे अनुसंधान किया जाएगा की यह सही हैं या इन बदमाशों ने फर्जी स्टीकर लगा रखे हैं।






