जयपुर में लगातार बढ़ रही मादक पदार्थों की तस्करी चिंता का एक बड़ा विषय बन चुकी है। हालांकि जयपुर पुलिस द्वारा ऑपरेशन क्लीन स्वीप चला कर लगातार मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ एक्शन लिया जा रहा है और बड़ी तादाद में मादक पदार्थ भी सीज किए जा रहे हैं। इसके बावजूद भी तस्कर अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं।
नशे की जद में अधिकतर युवा है और अपने नशे की तलब को पूरा करने के लिए युवा अपराध की राह पर चलने लगे हैं। अलग-अलग राज्यों से अलग-अलग तरह के मादक पदार्थ तस्करी कर जयपुर लाए जाते हैं और फिर जयपुर से पूरे प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में उन्हें सप्लाई किया जाता है। वहीं पुलिस द्वारा बरती जा रही सख्ती को देखते हुए अब नशे के सौदागरों ने मादक पदार्थों की तस्करी के लिए महिलाओं और 18 वर्ष से कम उम्र के नाबालिगों का प्रयोग करना भी शुरू कर दिया है।
डीसीपी क्राइम दिगंत आनंद ने बताया कि मादक पदार्थ तस्करों पर नकेल कसने के लिए जयपुर पुलिस ने वर्ष 2019 से ऑपरेशन क्लीन स्वीप की शुरुआत की जो की लगातार जारी है। अब तक एक विशेष अभियान के तहत जयपुर पुलिस द्वारा एनडीपीएस एक्ट के तहत 2064 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं और उसके साथ ही 2571 मादक पदार्थ तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्त में आए तस्करों में 411 महिलाएं, 23 नाबालिग और 61 वर्ष से अधिक उम्र के 30 तस्कर भी शामिल हैं। अब तक विशेष अभियान के तहत की गई कार्रवाई में मादक पदार्थ तस्करों से 1.51 करोड रुपए से अधिक की नगदी और तस्करी में प्रयुक्त 448 वाहन बरामद किए जा चुके हैं। कार्रवाई करते हुए बरामद किए गए वाहनों में 133 लग्जरी वाहन, 293 बाइक, दो टाटा मैजिक, तीन सवारी ऑटो और 17 बड़े वाहन शामिल हैं।
जयपुर पुलिस द्वारा ऑपरेशन क्लीन स्वीप के तहत की जा रही कार्रवाई में तस्करों के रूट को भी आईडेंटिफाई किया गया है। पुलिस द्वारा की गई अब तक की कार्रवाई और जांच में यह तथ्य सामने आए हैं कि जयपुर में तस्करों द्वारा जो मादक पदार्थ गांजा तस्करी कर लाया जा रहा है। उसका सोर्स उड़ीसा, बंगाल, आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, पूर्वोत्तर राज्य और नेपाल हैं। इसी तरह से तस्करी कर लाई जा रही अफीम का सोर्स चित्तौड़गढ़, झालावाड़, प्रतापगढ़, मंदसौर, नीमच और मालदा है। वही तस्करों द्वारा स्मैक झालावाड़ व टोंक से और डोडा पोस्ट चित्तौड़गढ़ व झालावाड़ से तस्करी कर लाई जा रही है। इसी प्रकार से मॉडर्न ड्रग्स, चरस, कोकिन, ब्राउन शुगर आदि तस्करों द्वारा हिमाचल प्रदेश, मुंबई और दिल्ली से तस्करी कर लाई जा रही है। तस्करों द्वारा यह मादक पदार्थ शहर के अलग-अलग इलाकों में छोटी पुड़ियों के रूप में बेचा जाता है। इसके साथ ही इंजीनियरिंग, बीकॉम, बीए, बीफार्मा आदि की पढ़ाई करने वाले और कोचिंग करने वाले छात्रों को भी अलग-अलग तरीके के मादक पदार्थ सप्लाई किए जाते हैं। लत लग जाने के बाद युवा खुद मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त हो जाते हैं और पैडलर व सप्लायर का काम करने लगते हैं।
जयपुर पुलिस वर्ष 2019 से अब तक 105 क्विंटल से अधिक डोडा पोस्त छिलका, 4 क्विंटल से अधिक अफीम,18 किलो से अधिक चरस,18 किलो से अधिक स्मैक,77 ग्राम से अधिक ब्राउन शुगर,125 ग्राम से अधिक कोकिन/एमडीएम 140 मिलीग्राम लिसर्जिक एसिड डाई एथिलेमाइड ड्रग्स,14 किलो से अधिक भांग,1588 ग्राम हेरोइन,86000 से अधिक प्रतिबंध टैबलेट्स और कैप्सूल सहित 1 क्विंटल से अधिक प्रतिबंधित सिरप जब्त की हैं।






