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बैंकों में फर्जी अकाउंट खुलवाकर साइबर ठगी, 5 अरेस्ट:733 बैंक अकाउंट में मिला करोड़ों का लेनदेन, फ्लैट पर दबिश में मिले 32 क्रेडिट-डेबिट कार्ड

पुलिस मुख्यालय क्राइम ब्रांच की सूचना पर रामनगरिया थाना पुलिस ने बैंकों में फर्जी खाते खुलवा कर साइबर ठगी, ऑनलाइन गेमिंग और सट्टे की अवैध रकम का लेनदेन करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। गिरोह के दो मुख्य सरगना सहित पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस प्रथमदृष्टया जांच में गैंग की ओर से 733 फर्जी बैंक अकाउंट खुलवाए गए। जिनमें करोड़ों रुपये की अवैध रकम ट्रांसफर की गई।

एडीजी (क्राइम) दिनेश एमएन ने बताया कि गैंग के योगी कृष्ण सोनी (34) पुत्र मुकुट बिहारी निवासी रॉयल सिटी कालवाड़ रोड हाथोज व संदीप बागड़ा उर्फ सैंडी (30) पुत्र सागरमल निवासी व्हाइट हाउस न्यू सांगानेर रोड सोडाला और राजेंद्र कुमार मीना (34) पुत्र गोपाल लाल व सुरेश कुमार मीना (32) निवासी गांव जौल टोडाभीम हाल रॉयल प्लेटेनियम अपार्टमेंट जगतपुरा और लक्ष्य जैन पुत्र चंद्रेश कुमार (22) निवासी एसडीसी कोटियार्ड एसकेआईटी कॉलेज के पास जगतपुरा जयपुर को अरेस्ट किया गया है। सरगना योगी कृष्ण सोनी व संदीप बागड़ा फर्जी बैंक अकाउंट के डेबिट-क्रेडिट कार्ड व चैकबुक-पासबुक का संचालन करते है। आरोपी राजेन्द्र कुमार मीणा और सुरेश कुमार मीणा फर्जी बैंक अकाउंट खोलने का काम किया करते थे। अकाउंट्स को संभालने का काम लक्ष्य जैन किया करता था।

अपार्टमेंट में ले रखा फ्लैट, बड़ी संख्या में मिले कार्ड
एडीजी एमएन ने बताया कि क्राइम ब्रांच के कांस्टेबल गंगाराम को मुखबिर से सूचना मिली थी। जगतपुरा स्थित रॉयल प्लेटेनियम अपार्टमेंट के एक फ्लैट में रह रहे युवक फर्जी तरीके से बैंक अकाउंट खोलकर उन्हें कमीशन के बदले साइबर ठगों को उपलब्ध करवाते है। सूचना पर क्राइम ब्रांच की टीम ने बताए गए अपार्टमेंट के फ्लैट में दबिश देकर आरोपी राजेन्द्र मीना और सुरेश कुमार मीना को पकड़ा। तलाशी के दौरान फ्लैट से पुलिस ने 18 बैंक अकाउंट के आवेदन फॉर्म, 5 चैक बुक, 2 बायोमैट्रिक मशीन, 4 ओटीजी, 34 सिमकार्ड, 7 आधार कार्ड और 32 क्रेडिट व डेबिट कार्ड बरामद किए।

20 हजार तक मिलता कमीशन
आरोपी राजेन्द्र मीना और सुरेश मीना आपस में भाई है। पुलिस प्रारम्भिक पूछताछ में सामने आया कि कुछ समय पहले उनकी जानकारी कृष्ण सोनी से हुई थी। वह फर्जी बैंक अकाउंट खोलने के बदले 5 हजार रुपए दिया करता था। 3 हजार रुपए अपने पास रखकर बाकी 2 हजार रुपए अकाउंट होल्डर को दे देते थे। इसके बाद संदीप बागड़ा उर्फ सेंडी से मुलाकात हुई। वह एक बैंक अकाउंट खोलने के बदले 20 हजार रुपए तक देता था।

733 बैंक अकाउंट में मिला करोड़ों का लेनदेन
पूछताछ में सामने आया कि शुरुवात में आरोपियों ने अपने ही परिचित-रिश्तेदारों के फर्जी बैंक अकाउंट खेले। उसके बाद गरीब तबके के लोगों को पैसों का लालच देकर विभिन्न बैंकों में अकाउंट खुलवाए। फर्जी एकाउंट खोलते समय बैंक खाते में मोबाइल नंबर और पता योगी कृष्ण सोनी और संदीप बागड़ा का होता। इस वजह से एटीएम चैकबुक-पासबुक की डिलीवरी इनके बताए पते पर ही होती।

उपलब्ध कराए गए बैंक अकाउंट तथा उन बैंक खातों में लेनदेन का रिकॉर्ड लक्ष्य जैन किया करता है। सूचना पर पुलिस ने आरोपी लक्ष्य जैन को उसके घर पर दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। लक्ष्य के घर मिले लैपटॉप में 733 फर्जी बैंक खातों की डिटेल प्राप्त हुई है। बाद में मुख्य दोनों आरोपी योगी कृष्ण सोनी एवं संदीप बागड़ा उर्फ सैंडी को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इन दोनों मुख्य आरोपी अन्य शहरों में भी कमीशन के बदले बैंक खाता उपलब्ध करवाने वाले के कांटैक्ट में है, जिसकी जांच की जा रही है।

एडीजी एमएन ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विद्या प्रकाश के सुपरविजन एवं इंस्पेक्टर राम सिंह नाथावत के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में स्टेट क्राइम ब्रांच के कांस्टेबल गंगाराम की विशेष भूमिका व हैड कांस्टेबल कमल सिंह, शंकर दयाल, रामनिवास एवं कांस्टेबल भूपेंद्र शर्मा की तकनीकी भूमिका रही। गिरफ्तारी की कार्रवाई रामनगरिया थाना पुलिस की ओर से की गई है। गिरफ्तार आरोपियों से रामनगरिया थाना पुलिस पूछताछ कर रही है।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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