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मानसून की बारिश से 14 दिन में भरे 12 बांध:राजस्थान के सूखे पड़े 107 डैम में पानी आया; भरतपुर संभाग में सबसे ज्यादा बरसात हुई

राजस्थान में मानसून तय समय पर आ गया था। मानसून आने के बाद से राजस्थान में लगातार बारिश का दौर जारी है। भरतपुर, जयपुर, अजमेर, बीकानेर और कोटा संभाग पर मानसून मेहरबान है। यहां कुछ जिलों (झालावाड़, बीकानेर, भीलवाड़ा ) को छोड़कर सभी जिलों में बारिश सामान्य से ज्यादा हो चुकी है। हालांकि, उदयपुर और जोधपुर संभाग के जिलों में अब भी बारिश का लोगों को इंतजार है।

वहीं, बारिश से राजस्थान के बांधों में भी पानी आने लगा है। मानसून आने के बाद से अब तक 12 बांध भरे हैं या भरने के नजदीक पहुंच चुके हैं। इससे पहले 24 जून तक राजस्थान में 4 ही बांध भरे थे, जिनमें 90 फीसदी से ज्यादा पानी था।

अब इन बांधों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। वहीं, 256 बांध वर्तमान में ऐसे है, जिनमें आंशिक तौर पर पानी आ चुका है। मानसून आने से पहले तक 24 जून तक इन बांधों की संख्या 161 थी। वहीं, बिल्कुल सूखे बांधों की संख्या मानसून से पहले 526 थी, जो अब कम होकर 419 रह गई।

कैसे रहेंगे अगले 24 घंटे
राजस्थान में अगले 24 घंटे अच्छी बारिश होने की संभावना है। इसके तीन दिन बारिश कम होने की संभावना है। 9 जुलाई को सिरोही, पाली, उदयपुर, बांसवााड़ा, डूंगरपुर में कहीं-कहीं भारी बारिश होने का येलो अलर्ट जारी किया है। जबकि जालौर, जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर, राजसमंद, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, कोटा, बूंदी, झालावाड़, जयपुर, दौसा, अलवर, सीकर, झुंझुनूं और अजमेर में हल्की से मध्यम बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। 10 से 12 जुलाई तक राजस्थान में बारिश का अलर्ट नहीं है। यानी इन तीन दिन राजस्थान में बारिश कम होने की संभावना है।

जयपुर संभाग सभी जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश, दौसा में दोगुनी
जयपुर संभाग के दौसा में अब तक सामान्य से दोगुनी बारिश हो चुकी है। दौसा में 7 जुलाई तक औसत बरसात 98.7MM होती है, जबकि इस बार 197.6MM हो चुकी है। वहीं, संभाग के दूसरे जिले अलवर, सीकर, झुंझुनूं और जयपुर में भी सामान्य से ज्यादा बरसात हुई है।

भरतपुर में 115 फीसदी ज्यादा बरसात
मानसून इस बार भरतपुर संभाग में प्रवेश के बाद से ही सबसे ज्यादा मेहरबान रहा। संभाग के चारों जिलों में लगातार बारिश हो रही है। संभागीय मुख्यालय भरतपुर में 115 फीसदी ज्यादा बरसात हो चुकी है। यहां 7 जुलाई तक औसत बारिश 94MM होती है, जबकि इस बार अब तक यहां 202.5MM से भी ज्यादा बरसात हो चुकी है। वहीं धौलपुर, करौली और सवाई माधोपुर में भी औसत से 60 फीसदी से भी ज्यादा पानी बरस चुका है।

जोधपुर संभाग में अच्छी बारिश का इंतजार
पश्चिमी राजस्थान में मानसून भले ही समय पर आ गया, लेकिन यहां बारिश अब भी सामान्य से कम है। जोधपुर संभाग के सभी 6 जिलों में बारिश औसत से भी कम हुई है। सबसे कम बरसात जालोर में 27.6MM ही हुई है, जबकि यहां अब तक 70.6MM बरसात हो जाती है। इसी तरह जैसलमेर, बाड़मेर, पाली, सिरोही और जोधपुर में भी औसत से कम बरसात हुई है।

मेवाड़ में औसत बारिश
उदयपुर संभाग यानी मेवाड़ के इलाके में इस बार बारिश औसत रही है। जिस तरह यहां मानसून आगमन के बाद झमाझम बारिश होती है, इस बार ऐसा कम देखने को मिला है। संभाग के 6 जिलों में से 4 जिलों उदयपुर, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा में औसत से कम बारिश दर्ज हुई है, जबकि दो जिले राजसमंद, चित्तौड़गढ़ में औसत से 11 और 4 फीसदी ही ज्यादा बरसात हुई।

कोटा-बूंदी में अच्छी बारिश, झालावाड़ में कम
कोटा संभाग के 4 जिलों में से 3 कोटा, बारां, बूंदी में बारिश औसत से ज्यादा हो गई है। सर्वाधिक औसत बारिश 196.1MM कोटा जिले में हुई, जो यहां की औसत बारिश से 41 फीसदी ज्यादा है। बूंदी में भी औसत से 46 फीसदी और बारां में 16 फीसदी ज्यादा बरसात हुई। वहीं, झालावाड़ में अब भी औसत से 6 फीसदी कम बारिश हुई।

टोंक में बाढ़ जैसे हालात बने
अजमेर संभाग के जिलों में पिछले सप्ताह हुई अच्छी बारिश के बाद यहां किसानों को फायदा हुआ। हालांकि टोंक जिले में भारी बारिश से कुछ जगह नुकसान हुआ। यहां पिछले सप्ताह तेज बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात हो गए। टोंक जिले में अब तक सामान्य से 158 फीसदी ज्यादा बरसात हो चुकी है। वहीं, अजमेर में 28 फीसदी, नागौर में 12 फीसदी ज्यादा बरसात दर्ज हो चुकी है। वहीं, भीलवाड़ा में इस समय सामान्य से 7 फीसदी कम बारिश है।

बीकानेर में कम बारिश, गंगानगर-चूरू में अच्छी बरसात
बीकानेर संभाग में मानसून जुलाई के पहले सप्ताह में प्रवेश किया, लेकिन यहां मानसून पूर्वी की बारिश और मानसून बाद भी बारिश ठीक हुई। हालांकि बीकानेर जिले में बारिश औसत से 22 फीसदी कम हुई है। गंगानगर, चूरू में 74 और 69 फीसदी ज्यादा बरसात हुई, जबकि हनुमानगढ़ में 26 फीसदी ज्यादा बरसात दर्ज हुई।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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