जयपुर में 14 साल के बच्चे की बर्थडे के दिन ही स्विमिंग पूल में डूबने से मौत हो गई। मृतक अविनाश यादव अपने दोस्तों के साथ पूल पर गया था। जब दोस्तों को अविनाश नहीं दिखा तो गार्ड को जानकारी भी दी, लेकिन उसने ध्यान नहीं दिया। आखिर पुल में ही डूबा मिला। अविनाश की मौत के बाद बड़े भाई अमरनाथ कुमार (19) ने स्विमिंग पूल मालिक के खिलाफ मानसरोवर थाने में 15 जुलाई को केस दर्ज करवाया है।
अमरनाथ यादव ने रिपोर्ट में बताया-कि 14 जुलाई को उसके छोटे भाई अविनाश यादव का 14वां जन्मदिन था। सुबह 10 बजे मां से 100 रुपए लेकर गया था। उसने बताया था कि कॉलोनी के दोस्तों के साथ स्विमिंग पूल में जा रहा है। जो करीब 10.30 बजे मानसरोवर स्थित एसआर स्विमिंग पूल पर पहुंचा था। पूल पर पहुंचने के कुछ देर बाद अविनाश गायब हो गया।
इस दौरान साथ गए बच्चों ने पूल के बाहर खड़े गार्ड को बताया- अविनाश दिख नहीं रहा। इस पर गार्ड ने बच्चों को बाहर देख कर आने के लिए बोला। बच्चे बाहर गए, लेकिन अविनाश नहीं मिला। बच्चों ने दोबारा गार्ड को बोला अविनाश नहीं मिल रहा। इस पर गार्ड ने बाथरूम में देखने को कहा।
सभी जगह ढूंढते रहे, आखिर में पूल के अंदर डूबा मिला
आखिर सभी जगह देखने के बाद अविनाश नहीं मिला तो गार्ड ने पूल में देखा। करीब 11 बजे अविनाश पानी में डूबा दिखाई दिया। इस पर अविनाश को बाहर निकाला गया। धनवंतरी हॉस्पिटल लेकर गए। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस बीच अमरनाथ यादव के एक दोस्त गोविंदा ने यह पूरा घटनाक्रम देख परिवार को सूचित किया।
बच्चे को स्विमिंग नहीं आती थी, फिर भी कोच नहीं था
अमरनाथ ने बताया- अविनाश को स्विमिंग नहीं आती थी। स्विमिंग पूल मालिक की ओर से पूल के आसपास सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए हुए थे। जिस पूल में बच्चों को जाने की परमिशन दी गई, वहां 7 फीट तक पानी भरा हुआ था। स्विमिंग पूल के आसपास स्विमिंग कोच नहीं था। अविनाश जब डूबा तो उसे किसी ने नहीं दिखा। अविनाश को किसी ने पानी में संघर्ष करते हुए भी नहीं देखा। जो हो नहीं सकता है। इस घटना में पूरी लापरवाही स्विमिंग पूल मालिक की हैं।
पिता प्लम्बर, मां घरों में धोती है बर्तन
अमरनाथ और अविनाश दोनों एक ही स्कूल में पढाई करते थे। पिता प्लंबर का काम किया करते हैं। मां लोगो के घरों में सफाई करती हैं। मां और बाप का घटना के बाद से रो-रो कर बुरा हाल है।





