जयपुर(सुनील शर्मा) भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष और राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने भाजपा विधायक अमृतलाल मीणा को श्रद्धाजंलि अर्पित की।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ दिल्ली से उदयपुर के सलूंबर विधानसभा में अमृतलाल मीणा के पैतृक गांव लालपुरिया पहुंचे और शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया।इस दौरान मदन राठौड़ ने कहा कि भाजपा परिवार के वरिष्ठ सदस्य एवं सलूंबर से विधायक अमृतलाल मीणा के आकस्मिक निधन का समाचार सुन स्तब्ध हूँ।ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति व शोकाकुल परिजनों को यह गहन पीड़ा सहन करने की शक्ति प्रदान करें।अमृतलाल मीणा ने आजीवन संगठन की विचाराधारा को प्रसारित किया तथा जनहित के मुद्दे उठाए थे।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि सलंबूर जिले के लालपुरिया गांव में साल 1959 में जन्मे अमृतलाल मीणा करीब 20 साल राजनीति में सक्रिय रहे।मीणा ने 2004 में पंचायत समिति सराड़ा के सदस्य के तौर पर राजनीति की शुरुआत की थी।उसके बाद साल 2007-10 तक जिला परिषद उदयपुर के सदस्य और 2010 में पंचायत समिति सराड़ा में प्रतिपक्ष नेता बने वे पहली बार 2013 में विधायक चुने गए।उन्होंने कांग्रेस की बसंती देवी मीणा को हराया था।उसके बाद 2018 और 2023 में कांग्रेस दिग्गज नेता रघुवीर सिंह मीणा को हराकर विधानसभा पहुंचे।अमृतलाल मीणा राजस्थान विधानसभा में प्राक्कलन समिति,प्रश्न एवं संदर्भ समिति, विशेषाधिकार समिति और अनुसूचित जनजाति कल्याण समिति के सदस्य भी रहे।
वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आज सलूंबर विधायक अमृतलाल मीणा के निधन की सूचना के बाद समस्त कार्यक्रम निरस्त कर दिए और जयपुर से सलूंबर पहुंचकर उन्हें श्रद्धाजंलि अर्पित की।इस दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शोक संतप्त परिवारजनों को ढांढस बंधाया। इस दौरान मंत्री बाबूलाल खराड़ी, हेमंत मीणा,गौतम दक,विधायक चंद कृपलानी,फूल सिंह मीणा,ताराचंद जैन,प्रताप गमेती,उदयलाल डांगी, कांग्रेस के पूर्व सांसद रघुवीर मीणा, जिला अध्यक्ष चंद्रगुप्त सिंह चौहान, सलूंबर की पूर्व विधायक बसंती देवी मीणा,पूर्व विधायक नानालाल अहारी, भाजपा उदयपुर के जिला अध्यक्ष रवींद्र श्रीमाली,प्रदेश कार्य समिति सदस्य बांसवाड़ा प्रभारी दिनेश भट्ट, प्रदेश के पूर्व महामंत्री सुशील कटारा, पूर्व विधायक अनीता कटारा सहित कई भाजपा पदाधिकारी और जनप्रतिनिधियों ने स्व.अमृतलाल मीणा को पुष्पाजंलि अर्पित की।इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ सैंकड़ों स्थानीय लोगों उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए।





