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इंजेक्शन रिएक्शन से 20 साल के युवक की मौत:परिजनों का डॉक्टर पर आरोप, बोले- इंजेक्शन लगाते ही मुंह से झाग आने लगे, शरीर ठंडा पड़ा

Kota में इंजेक्शन लगाने के बाद 20 साल के युवक की मौत होने का मामला सामने आया है। परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि इंजेक्शन लगाने के कुछ सेकंड बाद ही उल्टी हुई। शरीर कांपने लगा और मुंह से झाग आने के साथ शरीर ठंडा पड़ गया। परिजनों ने इलाज करने वाले डॉक्टर के खिलाफ मकबरा थाने में शिकायत दी है। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मृग दर्ज की है।

मकबरा थाना सीआई वासुदेव ने बताया- परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारण का पता लगेगा।

इंजेक्शन लगाते ही बिगड़ी तबियत

युवक जीजा आशीष पारीक ने बताया- तपन को बुखार था। गुरुवार साढ़े 6 बजे करीब उसे डॉक्टर जेपी गुप्ता के पाटनपोल स्थित क्लिनिक पर लेकर गए थे। साथ में दो-तीन जने थे। काफी देर बाद साले का नम्बर आया। उसे चैक कर दवाइयां और पर्चे पर इंजेक्शन लिखा। डॉक्टर के कहे अनुसार इंजेक्शन और कैनुला लेकर आए। डॉक्टर ने तपन के हाथ में इंजेक्शन लगाया।

इंजेक्शन लगाने के कुछ सेकंड बाद ही उसकी तबियत बिगड़ गई। उसे उल्टी आने लगी। पूरा शरीर कांपने लगा। थोड़ी देर बाद उसके मुंह से झाग आने लगे और शरीर ढीला व ठंडा पड़ गया। डॉक्टर ने उसे अंदर लिया और 5 मिनट बाद कहा कि एमबीएस हॉस्पिटल ले जाओ, उसके शरीर में जान नहीं बची है। हम तपन को एंबुलेंस से एमबीएस हॉस्पिटल लेकर गए, जहां ड्यूटी डॉक्टर ने चेक कर उसे मृत घोषित कर दिया। जीजा का कहना है- उसकी मौत डॉक्टर जेपी गुप्ता के इलाज करने के दौरान लापरवाही के कारण हुई है।

बीए सेकंड ईयर में पढ़ता था

फुफेरे भाई कौशल ने बताया- तपन बीए सेकंड ईयर की पढ़ाई करता था। उसकी सीबीसी सहित अन्य जांच करवाई थी। उसे कल शाम को डॉक्टर के क्लिनिक पर दिखाने गए थे। डॉक्टर ने पर्चे पर वॉमिटिंग विद फीवर लिखा। करीब 5 इंजेक्शन लिखे। एक इंजेक्शन लगाते ही उसकी तबियत बिगड़ गई, जिसके बाद अन्य इंजेक्शन नहीं लगाने दिए। इंजेक्शन कौनसा, किस लेवल से दिया ये पता नहीं है।

डॉक्टर बोले- इंजेक्शन का रिएक्शन हु

युवक तपन शर्मा किशोरपुरा मुक्तिधाम इलाके में रहता था। उसके पिता सुरेश शर्मा एडवोकेट है। वहीं इलाज करने वाले डॉक्टर जेपी गुप्ता का कहना है- युवक को 5 से 7 दिन से बुखार था। किसी ने रेफर किया था। उसे सेफ्टराजोन व डेकसोना इंजेक्शन की डोज दी गई थी। इंजेक्शन का जबरदस्त रिएक्शन हुआ। उसे हॉस्पिटल ले जाने का भी समय नहीं मिला।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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