दौसा जिले के लालसोट में रविवार को हुए सड़क हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई। इनमें रालावास निवासी रेवड़मल (34) और उनकी बेटी लक्ष्मी (8) भी शामिल थे। रेवड़मल रविवार सुबह 9:30 बजे बेटी लक्ष्मी और भतीजे अरुण (15) के साथ गांव से 31 किलोमीटर दूर पपलाज माता के दर्शन के लिए निकले थे। दोपहर 11:30 बजे लालसोट स्टैंड पर तेज रफ्तार डंपर ने बस को टक्कर मार दी। हादसा उस वक्त हुआ, जब ये बस से उतर रहे थे। अरुण घायल है।
रेवड़मल की पत्नी सुशीला देवी ने बिलखते हुए बताया- ‘मैं सुबह खेतों में मूंगफली बीनने के लिए गई थी। इस दौरान मेरे पति खेत पर आए और बोले कि लक्ष्मी और अरुण को लेकर माताजी के दर्शन के लिए जा रहा हूं। शाम तक हम तीनों वापस आ जाएंगे। लेकिन, मुझे क्या पता था कि वे दोनों अब नहीं लौटेंगे।’
दैनिक भास्कर रिपोर्टर शाम 7 बजे जब गांव रालावास पहुंचा तो घर में से महिलाओं के रोने की आवाज आ रही थी। घर में मातम पसरा था और परिवार के सभी पुरुष अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट गए हुए थे।
पत्नी सुशीला देवी ने बताया- मेरे पति अलवर में ईंट भट्टे पर काम करते थे। नवरात्रि के समय वह घर पर ही रहते हैं। दीपावली के समय पर भट्टों पर काम शुरू होता है तो काम पर लौट जाते हैं। लक्ष्मी परिवार में सभी की लाडली थी। कमलेश (18), दिलखुश (16) और राहुल (13) उसके बड़े भाई हैं। राहुल पैरों से दिव्यांग है। राखी पर लक्ष्मी ने जिद की थी कि वह अपने भाइयों को चांदी की राखी ही बांधेगी। जिस पर उसके पिता ने चांदी की राखी मंगवाई थी।
घर में इकलौता कमाने वाला था
रेवड़मल के छोटे भाई बबलू महावर ने बताया- ‘रविवार दोपहर करीब 12 बजे छोटे भाई नरेश का फोन आया। बोला- लालसोट में रेवड़मल और लक्ष्मी का एक्सीडेंट हो गया है। फोन पर यह सुनते ही पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। मैं फौरन लालसोट अस्पताल पहुंचा। जहां पता चला कि मेरी भतीजी की मौत हो गई है। भाई को गंभीर हालत में दौसा रेफर कर दिया है। मन में यही सोच रहा था कि घर पर कैसे बताऊं कि आज अनर्थ हो गया।’
बबलू ने बताया- मेरा भाई रेवड़ हर साल नवरात्रि में पपलाज माता के दर्शन के लिए जाता था। इस साल भी वह दर्शन के लिए जा रहा था। जिस पर बेटी लक्ष्मी और भतीजा अरुण, दोनों ने साथ चलने के लिए कहा और फिर तीनों साथ में निकल गए। लेकिन, रास्ते में ही वे हादसे का शिकार हो गए। रेवड़ अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला था। ईंट भट्टे पर काम करके वह परिवार का पालन-पोषण करता था।
घायल अरुण की मां संतरा देवी ने बताया- 4 साल पहले मेरे पति लल्लू प्रसाद की बीमारी के कारण मौत हो गई। सुबह अरुण ने बताया था कि वह चाचा रेवड़मल के साथ माता के दर्शन के लिए जा रहा है। शाम तक घर लौट आएगा। अब उसका दौसा के अस्पताल में इलाज चल रहा है।दरअसल, लालसोट बस स्टैंड पर तेज रफ्तार डंपर ने कई बाइक सवारों को कुचल दिया। डंपर का ब्रेक फेल हुआ था। इसके बाद वह वहां खड़ी रोडवेज बस से भिड़ा और भीड़ में घुस गया। हादसे में रेवड़मल, लक्ष्मी के साथ चौथी देवी (45), महेश चंद्र शर्मा और रामहरि योगी की भी मौत हो गई। वहीं, अर्चना (35), हाकिम (60), पूजा (30), अरुण उर्फ गोलू (15), मानसिंह (14), उर्मिला (40), अजय (34), कस्तूरी (60), पप्पू बहरुपिया (52) और बिरमा (35) का दौसा के अस्पताल में इलाज जारी है।
विधायक ने पुलिस प्रशासन को बताया जिम्मेदार
विधायक रामबिलास मीणा ने इस हादसे का जिम्मेदार पुलिस प्रशासन को बताया। विधायक ने एएसपी लोकेश मीणा से सवाल किए कि जब शहर में सुबह 8 से रात 9 बजे तक बड़े वाहन प्रतिबंधित हैं तो किसके आदेश पर इन ओवरलोड वाहनों को एंट्री दी जा रही है।
डंपर शहर में कैसे आया इसकी जांच कर रहे
लालसोट एएसपी लोकेश सोनवाल ने कहा- लालसोट से दौसा की ओर जा रहे रास्ते की ओर लंबी ढलान है। दोपहर के समय बजरी से भरा एक डंपर ढलान की ओर जा रहा था। इसी दौरान डंपर का ब्रेक फेल होने से अनियंत्रित हो गया। कई लोग डंपर की चपेट में आ गए। इसमें एक बच्ची और महिला समेत 5 लोगों की मौत हुई है।
एएसपी ने कहा- ये सही बात है कि सुबह 8 बजे से बड़े वाहनों की एंट्री शहर में बंद है। इसके बावजूद कैसे ये डंपर शहर में घुसा, इसकी जांच कर रहे हैं। शहर में दो एंट्री पॉइंट हैं, दोनों पर पुलिस जाब्ता लगाया गया है, ताकि भविष्य में कोई वाहन दिन में शहर में न घुस पाए।





