जयपुर-अजमेर एक्सप्रेस हाईवे पर बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए सरकार अब इसके विस्तार पर काम कर रही है। नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) इस हाईवे को चौड़ा करने और इसे पूरी तरह डेडिकेटेड बनाने के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) डीपीआर बना रहा है। हाईवे को जयपुर से किशनगढ़ (90 किलोमीटर) तक चौड़ा किया जाएगा।
इसके साथ ही 10 नए पॉइंट्स पर फ्लाईओवर या अंडरपास बनाए जाएंगे। अधिकारियों के मुताबिक इस रोड पर लगातार ट्रैफिक बढ़ रहा है। जयपुर से अजमेर, भीलवाड़ा, नसीराबाद समेत अन्य शहरों में जाने और इन शहरों से दिल्ली जाने के लिए ये हाईवे सबसे महत्वपूर्ण है।
वर्तमान में इस हाईवे पर ट्रैफिक मूवमेंट को सुगम करने और जाम को कम करने के लिए फ्लाईओवर का काम चल रहा है। इस हाईवे से डेली 1.50 लाख से ज्यादा गाड़ियां गुजरती हैं।
6 लेन से बढ़ाकर 8 लेन का होगा
एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अजय आर्य ने बताया कि इस हाईवे को 6 से बढ़ाकर 8 लेन करने पर विचार किया जा रहा है। डीपीआर बनाने पर काम शुरू कर रहे हैं। डीपीआर बनने के बाद इसे आगे उच्च स्तर पर मंत्रालय में भिजवाया जाएगा। जहां से निर्णय होने के बाद ही आगे का काम होगा। इस प्रोजेक्ट को बनाने में 1 हजार करोड़ रुपए से भी ज्यादा का खर्च आएगा।
पूरी तरह डेडिकेटेड बनाने की है योजना
प्रोजेक्ट डायरेक्टर के मुताबिक हमारी योजना इस हाईवे की चौड़ाई बढ़ाने के साथ इसे पूरी तरह डेडिकेटेड बनाने की है। इसके तहत हाईवे पर कोई दूसरे वाहन की डायरेक्ट एंट्री-एग्जिट नहीं हो इसके लिए यहां 10 नई जगहों (जहां से मुख्य कस्बों, शहरों या गांवों की कनेक्टिंग रोड आ रही है) पर फ्लाईओवर या अंडरपास बनाए जाएंगे।
यहां जाम की समस्या रहती है
जयपुर-अजमेर हाईवे पर भांकरोटा, मोखमपुरा, पड़ासोली और कमला नेहरू नगर के पास ट्रैफिक जाम की सबसे ज्यादा समस्या रहती है। इन जगहों पर फ्लाइओवर बनने के बाद यहां ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात मिलेगी। इसके अलावा रिंग रोड के मर्जर के लिए जो कट दिया है वहां भी ट्रैफिक जाम की समस्या है।






