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आयुर्वेद जीवन जीने की कला:ऊर्जा मंत्री

 जयपुर(अनिल शर्मा)* राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान जयपुर आयुर्वेद विश्वविद्यालय जोधपुर तथा विश्व आयुर्वेद परिषद के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान जयपुर में तीन दिवसीय नेशनल आयुर्वेद यूथ कॉनक्लेव-संयोजनम् 2024 का शुभारंभ ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर ने शुक्रवार को किया। 

उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि आयुर्वेद हमारी चिकित्सा पद्धति ही नहीं यह जीवन जीने की कला है।यह हमें सिखाती है कि कैसे हम अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित करके अपने स्वास्थ्य को इससे लाभ दे सकें।हमारे दादी-नानी के नुस्खे आयुर्वेद पर ही आधारित होते थे। छोटे-छोटे नुस्ख़ों से हमें स्वस्थ रखा जाता था और कई रोगों का इलाज किया जाता था।आयुर्वेद हमारी संस्कृति और संस्कारों में विद्यमान रहा।समय के साथ परिवर्तन हुआ और आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति लोकप्रिय होती गई।जिस प्रकार योग की विश्व में अपनी एक अलग पहचान बनी। इसी प्रकार आयुर्वेद की एक चिकित्सा पद्धति के रूप में विश्व में अपनी अलग पहचान स्थापित हो चुकी है।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि जयपुर सांसद मंजू शर्मा ने कहा आयुर्वेद का इलाज आमजन की पहुंच में है।आयुर्वेद हमारे देश का खजाना है।आयुर्वेद सही तरीके से उपयोग करने पर इसका किसी प्रकार का साइड इफेक्ट नहीं है।आयुर्वेद हमारी संस्कृति से जुड़ा हुआ है।

एनसीएसएम चेयरमैन जयंत देव पुजारी ने कहा कि हमें आयुर्वेद के साथ जुड़ना चाहिए।राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान जयपुर के कुलपति प्रो.संजीव शर्मा ने भी संबोधित किया।इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में देशभर से आयुर्वेद के शिक्षक, चिकित्सक,शोधार्थी भाग ले रहे है।

इस अवसर पर राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय जोधपुर के कुलपति प्रो. प्रदीप कुमार प्रजापति,विश्व आयुर्वेद परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो.गोविंद सहाय शुक्ल भी उपस्थित थे।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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