सफाई कर्मचारी भर्ती मजाक बन कर रह गई है। अधिकारियों की स्पष्ट नीति नहीं होने से सफाई कर्मचारी भर्ती नियम-कायदों में उलझ गई है। कांग्रेस सरकार में निकली भर्ती को बीजेपी सरकार ने रद्द कर दी। कांग्रेस के नियम-कायदोें में भी बदलाव कर दिया। साल भर बाद भी भर्ती नहीं हुई है।
अब वाल्मीकि समाज ने अनुभव प्रमाण-पत्र का विरोध किया तो ग्रेटर और हेरिटेज निगम में होने वाली भर्ती को स्थगित कर दी गई। दोनों निगमों में कांग्रेस सरकार के पैटर्न पर संविदा के आधार पर भर्ती होगी।ऐसे में डीएलबी अधिकारियों पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।
कांग्रेस के पैटर्न पर ही भर्ती करनी थी तो नए नियम क्यों बनाए?
डीएलबी ने प्रदेश के लिए नियम-कायदे एक जैसे बनाए और विज्ञप्ति भी एक साथ जारी की तो ग्रेटर और हेरिटेज निगम में ही संविदा के आधार पर भर्ती क्यों होनी चाहिए?
हेरिटेज और ग्रेटर निगम में अनुभव प्रमाण-पत्र की अनिवार्यता खत्म कर दी तो 183 नगरीय निकायों में अनुभव प्रमाण-पत्र के आधार भर्ती क्यों हो रही है?
अगर डीएलबी पहले ही ग्रेटर और हेरिटेज निगम में भर्ती संविदा के आधार पर करने का ऐलान कर देता ताे ग्रेटर और हेरिटेज निगम में आवेदन की संख्या में बढ़ोतरी हाे सकती थी, जिनके अनुभव प्रमाण-पत्र निगम उपायुक्त जारी कर चुके, वे ग्रेटर और हेरिटेज निगम काे छाेड़कर दूसरी जगह आवेदन कर सकते थे। ताकि उन्हें जल्द नाैकरी मिल जाती। अब ये आवेदनकर्ता ठगा महसूस कर रहे हैं।
प्रदेश एक तो नियम-कायदे अलग-अलग क्यों ?
वाल्मीकि समाज के कुछ नेताओं ने हेरिटेज और ग्रेटर निगम की तर्ज पर अन्य जिलाें में भी भर्ती संविदा के आधार पर कराने की मांग की है।
वाल्मीकि समाज के नेता और राज्य सफ़ाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष दीपक डंडोरिया का कहना है कि प्रदेश में नियम-कायदे सभी के लिए है ताे जयपुर जिले में संविदा के आधार पर भर्ती क्याें की जा रही है?
जयपुर जिले के तर्क पर प्रदेश के अन्य जिलाें में भी सफाई कर्मचारी भर्ती हाेनी चाहिए। सरकार ने 24 घंटे में निर्णय नहीं किया ताे पूरे प्रदेश में सफाई कर्मचारी हड़ताल करेंगे।
ग्रेटर-हेरिटेज निगम में 4 हजार पदाें पर हाेनी थी भर्ती
- 23820 पदाें पर सफाई कर्मचारियों की सीधी भर्ती की सूचना प्रकाशित की थी सरकार ने प्रदेश में।
- 4077 पदाें पर हेरिटेज और ग्रेटर निगम में भर्ती हाेनी थी इसमें से, लेकिन अब डीएलबी ने एक आदेश जारी करके इसे स्थगित कर दिया।
- 3 लाख आवेदन आए हैं इस बार मात्र। नगरीय निकाय की ओर से अनुभव प्रमाण-पत्र की वजह से।
पहले हेरिटेज निगम आयुक्त ने अनुभव प्रमाण-पत्र में पीएफ-ईएसआई और वेतन लागू कर दिया
डीएलबी ने नोटिफिकेशन में एक साल का सफाई और सीवरेज का काम करने का अनुभव प्रमाण-पत्र तो मांग लिया, लेकिन यह किस साल होना अनिवार्य है? इस बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं की। लोगों ने ठेकेदार के पास तो सीवरेज और सफाई का काम किया, लेकिन ठेकेदार ने वेतन नकद दिया। ऐसे में पीएफ-ईएसआई भी जमा नहीं हुआ।
नगर निगम, नगरपालिका और नगर परिषद में हर 6 महीने में अधिकारी बदलते रहते हैं। इस वजह से सर्टिफिकेट जारी नहीं हो पाए। डीएलबी ने इसका समाधान नहीं किया। ग्रेटर-हेरिटेज निगम में छह साल से अस्थाई सफाई कर्मचारियों के टेंडर जारी नहीं हुए, लेकिन हॉर्टिकल्चर श्रमिक लगातार दोनों निगम में ठेके पर लिए जा रहे हैं। इनके माध्यम से उद्यान, हॉर्डिंग, हूपर पर सेग्रीगेशन सहित अन्य काम कराए जा रहे हैं। ये आवेदन कर सकते हैं या नहीं, अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट नहीं की। आवेदन करने की तिथि में पांच दिन शेष रहने पर ग्रेटर और हेरिटेज में अनुभव प्रमाण-पत्र जारी करने के लिए कमेटी का गठन किया।
“सरकार पूर्व सफाई यूनियन अध्यक्ष की हठधर्मिता के कारण नियम बदल रही है। ऐसे भ्रष्ट व्यक्ति, जिसके स्वयं के दस्तावेज फर्जी हैं, मांगें रखते हैं। सरकार कानूनी कार्रवाई करे।”
-राकेश मीना, चैनपुरा, कर्मचारी नेता नगर निगम, जयपुर
“डीएलबी ने एक आदेश जारी करके ग्रेटर और हेरिटेज निगम में होने वाली सफाई कर्मचारी भर्ती को स्थगित कर दी है। इस वजह से फार्मों की छंटनी का काम बंद कर दिया गया है।”






