भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने ट्रेप की रिवर्स कार्रवाई करते हुए नगर निगम हेरिटेज के हवामहल जोन के एक सफाईकर्मी को रिश्वत के 30 हजार रुपए लौटाते समय रंगेहाथ पकड़ लिया। आरोपी हरज्ञान गुर्जर जोन उपायुक्त सीमा चौधरी के ऑफिस में लगा हुआ था।
एसीबी के डीजी डॉ. रवि प्रकाश मेहरड़ा ने बताया कि पीड़ित ने शिकायत दी थी कि उन्होंने सरकारी जमीन हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए कोर्ट से ऑर्डर करवा लिए। ऑर्डर की पालना में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के लिए हवामहल जोन में एप्लीकेशन लगाई, लेकिन कई दिनों तक कार्रवाई नहीं हुई। इस दौरान सफाईकर्मी हरज्ञान गुर्जर से संपर्क हुआ तो वह बोला कार्रवाई करने के लिए 1 लाख रुपए लगेंगे। उसने रिश्वत जोन उपायुक्त के नाम से मांगी थी। पीड़ित ने पैसे कम कराने की बात कही तो नहीं माना। ऐसे में हरज्ञान को 8 नवंबर 2024 को 50 हजार रुपए दे दिए, लेकिन डेढ़ माह तक कार्रवाई नहीं हुई और वह पैसे बढ़ाकर मांगने लगा।
शिकायत पर डीआईजी राहुल कोटोकी ने एएसपी बलराम सिंह मीणा के नेतृत्व में कार्रवाई के लिए टीम गठित की। सत्यापन में आया कि जोन के कर्मचारियों ने कुछ परेशानियां बताकर काम के लिए मना कर दिया और पैसे लौटाने की बात कहने लगे। इस पर पीड़ित बोला कि मेरे 50 हजार रुपए वापस दो। तब हरज्ञान बोला अभी 30 ले लो, बाकी बाद में देंगे। गुरुवार को 30 हजार रुपए लौटाने के दौरान एसीबी ने पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान एसीबी ने जोन उपायुक्त सीमा चौधरी से भी पूछताछ की थी। एसीबी सूत्रों के अनुसार जोन उपायुक्त की भूमिका संदिग्ध मिली है, जिसके संबंध में जांच की जा रही है।





