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घायलों के परिवार से मिले राजे, बेनीवाल और ओटाराम देवासी:भास्कर की खबर के बाद प्राचार्य कक्ष तक ही रहे सीमित; बेनीवाल ने की 50 लाख देने की घोषणा

20 दिसंबर को जयपुर में अजमेर रोड टैंकर ब्लास्ट हादसे में घायलों का इलाज एसएमएस हॉस्पिटल में जारी है। यहां 23 घायलों का इलाज बर्न यूनिट में हो रहा है। जिनमें से 3 से 5 घायलों की स्थिति अब सामान्य बताई जा रही है। जिन्हें आज या कल डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे आज (सोमवार, 23 दिसंबर को) एसएमएस अस्पताल पहुंची। यहां उन्होंने भांकरोटा अग्निकांड में घायल लोगों के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने सबसे प्राचार्य कक्ष में मुलाकात की। यहां उन्होंने करीब 22 मरीजों के परिजनों से वन टू वन चर्च की और मौजूदा अपडेट लिया। दैनिक भास्कर की खबर के बाद बर्न वार्ड में वीआइपी मूवमेंट के बाद आज व्यवस्थाएं सुधरी नजर आई। दरअसल बर्न वार्ड में जाने से इन्फेक्शन का खतरा बना रहता है, मरीजों को परेशानी हो सकती है। इसलिए वसुंधरा राजे ने वहां न जाकर प्राचार्य कक्ष में ही परिजनों से मुलाकात की।

एसएमएस प्राचार्य कक्ष के बाहर मरीजों के परिजन जिनसे एक-एक करके वसुंधरा राजे ने मुलाकात कर बात की।
एसएमएस प्राचार्य कक्ष के बाहर मरीजों के परिजन जिनसे एक-एक करके वसुंधरा राजे ने मुलाकात कर बात की।

मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा- परिजनों से बातचीत कर जानने समझने की कोशिश की कि उन्हें कोई दिक्कत तो नहीं है। वे संतुष्ट हैं या नहीं। अगर नहीं हैं तो हम क्या कर सकते हैं। यह काफी दुखद घटना थी। मैं उन सभी को धन्यवाद देना चाहती हूं जिन्होंने इस घटना में सभी लोगों की मदद की। मैंने यह भरोसा दिया है कि अगर मेरी तरफ से भी किसी मदद की जरूरत होगी तो मैं करूंगी। लेकिन यह राजनीतिक मसला नहीं है। यह मानवीय संवेदना का मसला है। ईश्वर से प्रार्थना है कि यह सब जल्द ठीक हो जाएं और काम पर जा पाएं।

वसुंधरा राजे मरीज के परिजन से बात करती नजर आईं, जहां अटेंडेट जानकारी देते हुए भावुक हो गई।
वसुंधरा राजे मरीज के परिजन से बात करती नजर आईं, जहां अटेंडेट जानकारी देते हुए भावुक हो गई।

उन्होंने हाल उनके काफिले में हुए हादसे के बारे में बताया- मेरे काफिले में जो दुर्घटना हुई, उसमें सब ठीक हैं। 7 लोग चोटिल हुए थे, सबसे मैंने व्यक्तिगत रूप से बात की। भगवान की दया से किसी को ऐसी इंजरी नहीं हुई थी जो गंभीर हो। हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के सवाल पर वे बचती नजर आईं।

टैंकर हादसे में घायलों की कुशलक्षेम लेने राज्यमंत्री ओटाराम देवासी भी एसएमएस हॉस्पिटल पहुंचे।
टैंकर हादसे में घायलों की कुशलक्षेम लेने राज्यमंत्री ओटाराम देवासी भी एसएमएस हॉस्पिटल पहुंचे।

वहीं राजे के बाद नागरिक सुरक्षा व पंचायती राज मंत्री ओटाराम देवासी, सांसद और आरएलपी प्रमुख हनुमान बेनिवाल भी एसएमएस हॉस्पिटल पहुंचे। जहां उन्होंने प्राचार्य कक्ष में मरीजों के इलाज को लेकर अपडेट लिया।

बेनीवाल ने एसएमएस हॉस्पिटल की बर्न यूनिट के लिए 50 लाख की घोषणा की। उन्होंने सांसद कोष से बर्न यूनिट की सुविधाओं के लिए यह घोषणा की। बेनीवाल बोले- बार बार ऐसे हादसे होना, किसी की लापरवाही उजागर करते हैं।

नियमों की अवहेलना हुई है, गैस टैंकरों के लिए नियम बने हैं लेकिन इसकी पालना नहीं हुई है। इसके लिए NHAI के साथ साथ परिवहन विभाग के अधिकारी भी दोषी हैं। एक व्यक्ति कह रहा था कि किराया ले लो लेकिन मुझे बचा लो, इससे पता चलता है कि आज भी पूरी आजादी नहीं मिली है। इसमें लापरवाही हुई है, जो दोषी हैं उस पर कार्रवाई हो। इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए।

सांसद हनुमान बेनीवाल ने एसएमएस हॉस्पिटल के बर्न यूनिट को 50 लाख देने की घोषणा की।
सांसद हनुमान बेनीवाल ने एसएमएस हॉस्पिटल के बर्न यूनिट को 50 लाख देने की घोषणा की।

उन्होंने कहा- हम यहां पॉलिटिकल माइलेज नहीं आए हैं। एसएमएस अस्पताल के बर्न यूनिट के लिए सांसद कोष से 50 लाख रुपए देने का ऐलान करता हूं। मैं इस घटना के लिए भजनलाल जी को जिम्मेदार मानता हूं। उन्होंने जबसे शपथ ली है, तबसे ऐसी घटनाएं हो रही हैं। सुरेंद्र सिंह नहीं आते तो उनके काफिले में भी बड़ी घटना होती।

उन्होंने कहा- यह क्या पैकेज दिया है आपने, हमने कहा कि करोड़ रुपए दिए जाने चाहिए। इससे सरकार को क्या फर्क पड़ जाएगा? लेकिन जो चला गया, उसको तो दिक्कत होगी। हम सड़कों पर निकलेंगे। राजस्थान में जो घटनाएं हो रही हैं, उसके खिलाफ हम लड़ेंगे। कांग्रेस वाले लड़ नहीं रहे हैं। वे कहते हैं कि हम आंदोलन करेंगे तो भाजपा वाले डरा देते हैं। कहते हैं, हम तुम्हें अंदर करा देंगे। बस वे चुप हो जाएंगे।

नरेश मीणा मामले में उन्होंने कहा- नरेश मीणा को परिवार के लोग मुझसे मिलने आए थे। मैं उनके साथ हूं। पुलिस ने ज्यादती की है। हम इसके खिलाफ आंदोलन करेंगे। जेल के अंदर जो लोग बंद हैं, उन्हें भी बाहर लाने का प्रयास करेंगे। झूठे मुकदमे खत्म कराएंगे। सरकार के लोग वहां जाकर न्याय की मांग कर रहे हैं। सरकार के लोगों को मांग करने की क्या जरूरत है, उन्हें तो कार्रवाई करनी चाहिए। अगर मांग ही करनी है तो सरकार से बाहर आ जाइए।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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