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ट्रेन की जगह बस से आई,LPG ब्लास्ट में गई जान:पिता बोले- टीचर बनना चाहती थी बेटी, आग से घिरने के बाद भी सड़क पर दौड़ी

जयपुर LPG टैंकर ब्लास्ट हादसे में अब तक 18 लोगों की मौत हो गई है। हादसे में गंभीर रूप से झुलसी युवती सहित 3 और लोगों ने 25 दिसंबर (बुधवार) को सवाई मान सिंह (SMS) हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया।

जिन लोगों की बुधवार को जान गई, उनमें 22 साल की विजेता (विनिता) भी है। वह 70 प्रतिशत तक झुलस गई थी। सुबह 4 बजे उसने दम तोड़ दिया। विजेता बीएड की पढ़ाई कर रही थी। साथ में टीचर बनने के लिए कॉम्पिटिशन एग्जाम की तैयारी कर रही थी।

विजेता उसी लेकसिटी ट्रेवल्स की बस में सवार थी, जो इस हादसे में पूरी तरह से जल गई थी। विजेता एग्जाम देने के लिए उदयपुर गई थी। 19 दिसंबर को एग्जाम देने के बाद उसे अगले दिन सुबह 6 बजे ट्रेन से जयपुर लौटना था, लेकिन जल्दी फ्री होने पर बस से रवाना हो गई। उसने रात करीब 9 बजे उसने घर पर बात की थी कि बस में बैठ गई हूं, सुबह जयपुर पहुंचकर फोन करूंगी।

पिता को फोन किया, कहा-ब्लास्ट हो गया, मैं आग में घिर गई विजेता के पिता रामचंद्र ने बताया- बेटी सुबह 6 बजे 200 फीट बाइपास पर उतरने वाली थी। हादसे के वक्त व​ह बस के केबिन में खड़ी थी। मेरी बेटी काफी हिम्मत वाली थी। आग की लपटों से घिरने के बाद भी उसने मुझे फोन किया था और कहा था कि पापा मेरी बस ब्लास्ट हो गई, कुछ समझ नहीं आ रहा।

रामचंद्र ने बताया- विजेता ने फोन पर मुझे बताया कि 200 फीट बाइपास आने वाला था तो मैं केबिन में खड़ी थी। इसी दौरान मेरी आंखों के सामने ब्लास्ट हो गया। जैसे ही धमाका हुआ आग की लपटें बस में आ गई और लोग चपेट में आ गए। आग की लपटें फैलने के बाद मैं बस से कूदी और सड़क पर दौड़ने लगी। कुछ दूरी पर जाकर मैं रुकी। रामचंद्र ने बताया- विजेता ने किसी का फोन लेकर मुझसे बात की थी। मैं उस समय श्रीमाधोपुर था।

उदयपुर से लेकसिटी ट्रेवल की ये बस 19 दिसंबर की रात 9 बजे रवाना हुई थी।
उदयपुर से लेकसिटी ट्रेवल की ये बस 19 दिसंबर की रात 9 बजे रवाना हुई थी।

टीचर बनना चाहती थी विजेता पिता ने बताया- हमें उम्मीद थी कि 70 प्रतिशत तक झुलसने के बाद भी वह बच जाएगी। मंगलवार तक उसका ऑक्सीजन लेवल सही चल रहा था। परिवार के लोग भी दुआ कर रहे थे कि बेटी बच जाए, लेकिन आज उम्मीद टूट गई।

उन्होंने बताया- विनिता अपनी बड़ी बहन और छोटी बहन के साथ जयपुर रहकर पढ़ाई कर रही थी। विनिता 8वीं तक प्रतापगढ़ में पढ़ी थी। इसके बाद 12वीं तक सीकर में पढ़ाई की। अभी वह जयपुर के एलबीएस कॉलेज से बीएड कर रही थी।

रामचंद्र ने बताया- मैं खुद शिक्षक हूं। विजिता दूसरे नंबर की बेटी थी। पढ़ाई में होशियार थी। मुझसे अक्सर कहा करती थी मैं आपकी तरह टीचर ही बनूंगी। आप तो बस बहनों को डॉक्टर बनाओ। एसटीसी करने के बाद वह बीएड कर रही थी। अपने करियर को दिशा देने के लिए वह उदयपुर परीक्षा देने के लिए गई थी। लौटते समय बस हादसा हो गया।

भाई बोला- सुबह ट्रेन में टिकट थी, रात को बस में रवाना हो गई LPG टैंकर ब्लास्ट में झुलसने के बाद वि​नीता ने अपने भाई राकेश मेहरड़ा को भी कॉल किया। राकेश ने बताया- विनिता 18 दिसंबर को जयपुर से उदयपुर गई थी। हमने आने-जाने के टि​कट ट्रेन में ही करवा रखे थे। 19 दिसंबर को उदयपुर में एग्जाम देने के बाद उसे ट्रेन से ही जयपुर आना था।

राकेश ने बताया- 20 दिसंबर को सुबह 6 बजे उसकी ट्रेन थी, लेकिन वह कॉलेज के एग्जाम से 19 दिसंबर को शाम 6 बजे ही फ्री हो गई थी। इस पर उसने घर पर कॉल कर बताया था कि रात को यहां रुकने से मतलब नहीं है, उसकी पढ़ाई खराब होगी। इसलिए वह अभी रवाना हो जाएगी। रात 9 बजे जब उससे बात हुई तो बताया कि वह बस से रवाना हो गई है और सुबह 6 बजे 200 फीट बाइपास उतर जाएगी।

20 दिसंबर को सुबह उसका फोन आया कि रास्ते में ब्लास्ट हो गया, जिससे उनकी बस जल गई। हादसे में वह भी झुलस गई है। इसके बाद परिवार के लोग जयपुर के लिए रवाना हुए।

एसएमएस हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी के बाहर खड़े विनिता के परिजन।
एसएमएस हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी के बाहर खड़े विनिता के परिजन।

20 दिसंबर को जयपुर-अजमेर हाईवे पर हुआ था हादसा जयपुर के अजमेर रोड पर भांकरोटा (DPS के पास) 20 दिसंबर को हुए हादसे में 4 लोग मौके पर ही जिंदा जल गए थे। 8 लोगों ने उसी दिन सवाई मानसिंह हॉस्पिटल में इलाज के दौरान दम तोड़ा था। 1 मौत जयपुरिया हॉस्पिटल में हुई थी।

आग की चपेट में आकर स्लीपर बस समेत 40 गाड़ियां जल गई थी आग इतनी तेजी से फैली थी कि 40 से ज्यादा गाड़ियां उसकी चपेट में आ गई थी। टैंकर के ठीक पीछे चल रही एक स्लीपर बस और हाईवे किनारे मौजूद पाइप फैक्ट्री भी जल गई थी। एक्सीडेंट की वजह से बस का दरवाजा एक ट्रक से चिपक गया। इस कारण उसमें सवार 34 लोगों को बाहर निकलने की जगह ही नहीं मिली। बड़ी मुश्किल से ड्राइवर वाले गेट से लोगों को बाहर निकाला गया। आग बुझने के बाद कई शवों को पोटली में डालकर अस्पताल ले जाया गया था।

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1. जयपुर LPG ब्लास्ट में घायल 3 लोगों ने दम तोड़ा:मरने वालों की संख्या 18 हुई, 15 लोग गंभीर हालत में हॉस्पिटल में एडमिट

जयपुर LPG टैंकर ब्लास्ट में गंभीर रूप से झुलसी युवती सहित 3 और लोगों ने बुधवार को सवाई मान सिंह (SMS) हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया। इसी के साथ पिछले चार दिन में मरने वालों की संख्या 18 हो गई है। इसमें एक पूर्व IAS भी शामिल हैं। जयपुर-अजमेर हाईवे पर 20 दिसंबर की सुबह करीब पौने छह बजे हादसा हुआ था।

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Author: Kashish Bohra

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