सीएम भजनलाल शर्मा ने विधायकों से कहा कि आप अपने क्षेत्र में जो कर सको, वही कहो। वही जो कह दिया, उसे फिर करके दिखाओ। बजट सत्र से पहले मुख्यमंत्री संभागवार विधायकों से बातचीत कर रहे हैं। सीएम रविवार को जोधपुर, उदयपुर और भरतपुर संभाग के विधायकों से चर्चा कर रहे थे।
बैठक में विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्र की मांग भी सीएम भजनलाल शर्मा के सामने रखी। सोमवार (30 दिसंबर) को भी बाकी संभाग के विधायक सीएम से मिलेंगे। संवाद के दौरान मंत्री भी मौजूद रहे।
पोकरण विधायक महंत प्रतापपुरी ने सीएम से पश्चिमी राजस्थान के लिए योजनाओं में विशेष रियायत देने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि जब भी योजनाएं बनती हैं, तो पूरे प्रदेश के लिए एक समान नियम रखे जाते हैं। इससे पश्चिमी राजस्थान इन योजनाओं से अछूता रह जाता है।
उन्होंने कहा कि मेरा विधानसभा क्षेत्र 300 किमी का है। उसमें जनसंख्या कम है। ऐसे में अगर नामांकन के आधार पर स्कूल खोले जाएंगे तो हमें एक भी स्कूल नहीं मिलेगा।। जनसंख्या के आधार पर पंचायतें गठित की जाएगी तो हमें एक भी पंचायत नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह से आदिवासी इलाकों को विशेष रियायत दी जाती है। उसी तरह से पश्चिमी राजस्थान के लिए भी विशेष रियायत होनी चाहिए।

मदन दिलावर-हीरालाल नागर पर लगाए आरोप मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से भाजपा विधायकों ने मंत्रियों की मनमानी को लेकर शिकायत की है। शनिवार (28 दिसंबर) को कोटा संभाग के विधायकों ने सीएम से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा था कि मंत्री पसंदीदा अधिकारियों की नियुक्ति करा रहे हैं। इसके कारण स्थानीय MLA और जनता की सुनवाई नहीं हो रही है।
बीजेपी विधायकों का आरोप था कि शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और हीरालाल नागर स्थानीय विधायकों की बिल्कुल नहीं सुनते हैं। सरकार की योजनाओं को लेकर उनसे कोई बात नहीं की जा रही है। जानकारी के अनुसार ऐसी शिकायत केवल एक या दो विधायकों की ही नहीं है। अधिकतर MLA मंत्रियों की कार्यशैली से नाराज हैं। संवाद में सीएम सभ विधायकों से उनकी मांगों को पूरा करने को लेकर आश्वासन भी दे रहे हैं।

कांग्रेस नेताओं के कहने पर ज्यादा काम करवाने का आरोप
कोटा संभाग की बैठक में एक विधायक ने कहा- क्षेत्र में बीजेपी नेताओं के कहने से कम और कांग्रेस नेताओं के कहने पर ज्यादा काम हो रहे हैं। उन्होंने सीएम से कहा- बारां जिले में भी मनमानी हो रही है। मंत्री दिलावर बारां जिले में कांग्रेस नेताओं के कहने पर काम करवा रहे हैं।
उन्होंने कहा- पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया और उनकी पत्नी उर्मिला जैन भाया के खिलाफ भ्रष्टाचार, भूमि विवाद, वित्तीय लेनदेन में गड़बड़ी जैसे मामले दर्ज हैं, लेकिन कोटा आईजी द्वारा इन मामलों में कार्रवाई नहीं होने दी जा रही है। ऐसे में जनता के बीच हमारी सरकार की छवि खराब हो रही है।

सीएम ने पूछा कितना फीसदी काम पूरा हुआ संवाद कार्यक्रम में सीएम भजनलाल शर्मा ने विधायकों से पूछा- उनके विधानसभा क्षेत्र में कितनी बजट घोषणाएं पूरी हो गईं। वहीं, जो घोषणाएं पूरी नहीं हुई, उसके पीछे क्या कारण है। सीएम ने आगामी बजट के लिए भी विधायकों से सुझाव मांगे। सीएम ने कहा- जनता के साथ मजबूत जुड़ाव ही सरकार और जनप्रतिनिधियों के बीच की दूरी को कम करेगा। सीएम ने विधायकों के सभी सुझावों पर विचार करने का आश्वासन दिया। साथ ही सीएम ने मंत्रियों से कहा- वे विधायकों से संवाद रखे और उनकी राय को महत्व दें।

विधानसभा सत्र से पहले नाराजगी दूर करने की कवायद दरअसल, इस पूरी कवायद को विधानसभा सत्र से पहले विधायकों की नाराजगी दूर करने से जोड़कर देखा जा रहा है। क्योंकि पिछले विधानसभा सत्र में कई बीजेपी विधायकों ने अपनी ही सरकार पर सवाल खड़े कर दिए थे। वहीं कई विधायक व्यक्तिगत और सार्वजनिक तौर पर मंत्रियों और अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर चुके हैं। ऐसे में इस बार पहले ही सीएम भजनलाल शर्मा सभी विधायकों से संवाद करके उनकी बात सुन रहे है। वहीं उन्हें हल करने का प्रयास भी कर रहे हैं।





