साल 2024 का आज आखिरी दिन है।जयपुर में इस साल कई ऐसी घटनाएं हुई, जो काफी चर्चित रही। साल 2024 में भांकरोटा अग्निकांड और हॉस्पिटलों में पैसों के लालच में किडनी की दलाली में शामिल बड़े डॉक्टर्स वाली घटना पूरे देश में चर्चित रहीं।
यूं तो साल 2024 में राजनीति घटनाक्रम से लेकर अलग-अलग प्राकृतिक और मानवीय चूक की घटनाएं जयपुर में खूब हुई। 10 ऐसी बड़ी घटनाएं हम आपको बता रहें, जिन पर सबसे ज्यादा चर्चा हुई। इसमें वीकेआई स्थित 17 नं. रोड पर एक मकान में सिलेंडर फटने से एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत ने भी लोगों को झकझोंर दिया था।
जयपुर में साल की प्रमुख घटनाएं….
1. भांकरोटा में एलपीजी से भरे टैंकर का एक्सीडेंट, हादसे में जले 20 लोगों की मौत

जयपुर में किशनगढ़ हाइवे पर 20 दिसंबर को एलपीजी से भरे एक टैंकर से एक ट्रक टकरा गया, जिससे वहां गैस रिसाव हुआ और बड़ी आगजनी हो गई थी। इस घटना में बुरी से से झुलसे 20 लोगों की मौत हो चुकी है। इस घटना में घायल मरीजों में से 6 का अब भी एसएमएस हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है।
2. जयपुर में ऑर्गन ट्रांसप्लांट (किडनी-लीवर) कांड

जयपुर में ऑर्गन ट्रांसप्लांट (किडनी-लीवर) के लिए फर्जी तरीके से एनओसी जारी करने की शिकायत के बाद 31 मार्च की को एसीबी ने एसएमएस हॉस्पिटल में छापा मारा था। इसके साथ ही एसीबी ने इसी दिन सहायक प्रशासनिक अधिकारी गौरव सिंह और ईएचसीसी हॉस्पिटल के ऑर्गन ट्रांसप्लांट को-ऑर्डिनेटर अनिल जोशी और फोर्टिस हॉस्पिटल का को-ऑडिनेटर विनोद सिंह को पकड़ा था। इस पूरे मामले में फोर्टिस हॉस्पिटल के दो डॉक्टरों संदीप गुप्ता और जितेन्द्र गोस्वामी को भी गिरफ्तार किया गया। वहीं, एसएमएस हॉस्पिटल से डॉ. राजेन्द्र बागड़ी को सस्पेंड किया गया था। जबकि इस मामले में आरयूएचएस के वाइस चांसलर रहे डॉ. सुधीर भंडारी, एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. राजीव बगरहट्टा और एसएमएस हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. अचल शर्मा को अपने-अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
3. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के काफीले का एक्सीडेंट, 2 की मौत

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा 11 दिसंबर को जगतपुरा स्थित एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे, तभी उनके काफिले की गाड़ी को एक टैक्सी ने टक्कर मार दी थी। घटना जगतपुरा स्थित अक्षयपात्र चौराहे के पास हुई थी। इस घटना में एक पुलिस कर्मचारी और एक टैक्सी ड्राइवर की मौत हो गई थी। ये घटना काफी चर्चा का विषय रही। क्योंकि इस घटना को सीएम के सुरक्षा में चूक भी मान रहे थे।
4. वीकेआई अग्निकांड में एक ही परिवार के 5 लोग जिंदा जले

जयपुर के वीकेआई इलाके में 20 मई को खाना बनाते समय सिलेंडर में लगी आग से पूरे परिवार की जलकर मौत हो गई थी। इस घटना में 3 बच्चे समेत 5 जनों की मौत हुई थी। ये घटना अलसुबह करीब 7 बजे हुई थी, जब परिवार खाना बना रहा था। उस समय स्थानीय लोगों ने बताया- परिवर ने सुबह ही सिलेंडर बदलकर खाना बनाने के लिए रेगुलेटर लगाया था। रेगुलेटर शायद सही ढंग से नहीं लगा, जिसके कारण गैस लीकेज हुई और आग लगने से घटना हो गई।
5. बीटू बाइपास पर क्लोवरलीफ का लोकार्पण

जयपुर में 30 जुलाई को बीटू बाइपास पर सिग्नल फ्री प्लान के तहत बनाए गए दो क्लोवर लीफ का लोकार्पण किया था। ये जयपुर के प्रमुख चौराहों में से एक है, जहां हर समय ट्रेफिक जाम की समस्या रहती थी। इस प्रोजेक्ट की लागत करीब 161 करोड़ रुपए आई है।
6. जयपुर के कानोता बांध में डूबने से 5 की मौत

जयपुर में इस साल मानसून सीजन में रिकॉर्ड तोड़ बारिश हुई थी। इसी कारण जयपुर में 24 साल बाद कानोता बांध ओवर-फ्लो होकर छलका था। कानोता बांध के छलकने पर 11 अगस्त को लोग पिकनीक मनाने पहुंचे, जहां रपट पर से बहने पर 5 युवक बांध में डूब गए थे। घटनावाले दिन यहां 6 युवक फिसलकर बांध में गिरे थे, लेकिन इनमें से एक युवक तैरकर बाहर निकल गया था।
7. जयपुर जेडीए के जोन-9 में एक साथ 7 लोग रिश्वत लेते पकड़े

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने 23 अगस्त को जयपुर जेडीए के जोन-9 में जमीन का भू-उपयोग परिवर्तन (लैंड यूज कन्वर्जन) की एवज में 1.50 लाख रिश्वत लेते एक साथ 7 लोगों को गिरफ्तार किया था। इस ट्रेप के जरिए एसीबी ने तहसीलदार लक्ष्मीकांत गुप्ता, जेईएन खेमराज मीणा, पटवारी रविकांत शर्मा, पटवारी विमला मीणा, गिरदावर रुक्मणी (पटवारी का चार्ज), गिरदावर श्रीराम शर्मा और दलाल महेश मीणा को पकड़ा था। महेश मीणा पटवारी विमला का पति है, जो पूरी डील करवा रहा था।
8. घर से निकले दो भाई में से एक की डेडबॉडी मिली, दूसरे का अब तक नहीं पता

जयपुर के शास्त्रीनगर इलाके से नाहरगढ़ के चरण मंदिर घूमने जाने की कहकर निकले दो भाई 2 सितंबर को गायब हो गए थे। इसमें से एक छोटे भाई आशीष पाराशर का शव पहाड़ियों पर मिला था। दूसरे बड़े भाई राहुल का पुलिस आज दिन तक पता नहीं लगा पाई। इस घटना में पुलिस-प्रशासन ने पूरे नाहरगढ़ एरिया को हैलीकॉप्टर और ड्रोन के जरिए सर्च किया, लेकिन दूसरे भाई को कोई पता नहीं चला। ये एक रहस्य बना हुआ है।
9. जयपुर नगर निगम हैरिटेज मेयर मुनेश गुर्जर को सरकार ने किया सस्पेंड

जयपुर नगर निगम हैरिटेज की मेयर रही मुनेश गुर्जर को इस साल 23 सितंबर को सरकार ने पद से निलंबित कर दिया था। पट्टे की एवज में रिश्वत लेने के आरोपों में घिरी मुनेश गुर्जर पद से तीसरी बार सस्पेंड किया गया था। इससे पहले इसी कांड में वे दो बार सस्पेंड हो चुकी थी। साल 2024 में जयपुर की स्थानीय राजनीति में ये बड़ा निर्णय था। इस निर्णय के बाद जयपुर हैरिटेज में मेयर बदलकर कार्यवाहक मेयर के तौर पर कुसुम यादव को सरकार ने पद पर बैठाया।
10. विद्याधर नगर में लेपर्ड का मूवमेंट, दहशत में लोग
जयपुर में 7 दिसंबर को घनी आबादी के बीच विद्याधर नगर स्थित कॉलोनी में लेपर्ड के आने से लोग दहशत में आ गए थे। करीब 4 घंटे तक लेपर्ड की चहलकदमी यहां रही। इस दौरान लेपर्ड ने 3 लोगों को भी घायल कर दिया। वन विभाग की टीम ने काफी मशक्कत के बाद उसे ट्रैंकुलाइज करके जंगल में छोड़ा। ये घटना साल के आखिरी महीने में काफी चर्चित रही।
11. जयपुर में राइजिंग राजस्थान समिट

राजस्थान में भाजपा के सत्ता में आने के बाद भजनलाल सरकार का पहला बड़ा इवेंट राइजिंग राजस्थान रहा, जो तीन दिन तक जयपुर में आयोजित हुआ। 9 दिसंबर को इस आयोजन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अलावा केन्द्र सरकार के कई कैबिनेट मंत्री और देश-विदेश के बड़े उद्योगपति शामिल हुए थे। यहां 30 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा निवेश के एमओयू साइन किए गए।
12. जयपुर में पहली बार लंग्स-हार्ट का कॉम्बो ट्रांसप्लांट

मेडिकल सेक्टर में जयपुर के लिए 16 दिसंबर एक बड़ा दिन था। जब जयपुर के डॉक्टरों ने पहली बार लंग्स (फेंफड़ों) का ट्रांसप्लांट किया था। झालावाड़ के हॉस्पिटल में हुई ब्रेनडेड के बाद युवक विष्णु के हार्ट, दोनों किडनी, लीवर और दोनों लंग्स एयर लिफ्ट करके जयपुर के सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज लाए गए। जहां हार्ट और लंग्स एक युवती को लगाए गए। ये पहला मौका था जब उत्तर भारत में लंग्स का ट्रांसप्लांट हुआ था। लेकिन कुछ कॉम्प्लिकेशन के चलते ट्रांसप्लांट के दो दिन बाद युवती की मौत हो गई थी।





