एसआई भर्ती 2021 मामले में ट्रेनिंग ले रहे एसआई को फील्ड ट्रेनिंग पर भेजने के पुलिस मुख्यालय के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है। जिस पर हाई कोर्ट 6 जनवरी को सुनवाई करेगा। पुलिस भर्ती और पदोन्नति बोर्ड एडीजी विपिन कुमार पांडेय की तरफ से जारी आदेशों में 2021 के सभी ट्रेनी एसआई को प्रैक्टिकली ट्रेनिंग के लिए आवंटित रेंज के जिलों में भेजने को कहा था।
याचिकाकर्ता कैलाश चंद शर्मा ने पुलिस मुख्यालय के आदेश पर रोक लगाने के लिए स्टे एप्लिकेशन दायर की है। इसमें कहा गया है कि हाईकोर्ट ने मूल याचिका पर सुनवाई करते हुए 18 नवंबर को पूरी भर्ती में यथास्थिति के आदेश दिए थे, लेकिन सरकार यथास्थिति के आदेश की पालना नहीं कर रही है।
याचिकाकर्ता के वकील हरेंद्र नील ने बताया कि सरकार ने मामले में जवाब पेश करने के लिए 2 सप्ताह का समय मांगा था। सरकार ने एक महीने बाद भी जवाब पेश नहीं किया। वहीं उल्टा कोर्ट के आदेश की अवमानना करते हुए ट्रेनी एसआई को फील्ड में भेजने के आदेश जारी कर दिए।
उन्होंने बताया कि मूल याचिका में हमने कोर्ट से पूरी भर्ती को रद्द करने की मांग की है। जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यथास्थिति के आदेश दिए थे। वहीं सरकार से पूछा था कि वह भर्ती पर अपनी स्थिति स्पष्ट करें। सरकार ने आज तक अपना जवाब नहीं दिया।

जमानत पर रिहा 25 ट्रेनी एसआई भी जाएंगे ट्रेनिंग पर पेपरलीक मामले में एसओजी ने करीब 50 ट्रेनी एसआई को गिरफ्तार किया था। जिसमें 25 ट्रेनी एसआई को हाई कोर्ट से जमानत मिल चुकी है। जिसके बाद इस आदेश से जमानत पर रिहा ट्रेनी एसआई को भी फील्ड ट्रेनिंग के लिए जिले आवंटित होंगे।
ट्रेनी एसआई को ट्रेनिंग के लिए जिलों में रवाना करने के मायने एसआई भर्ती पर कैबिनेट बैठक में फैसला टलने के तीसरे दिन ही सभी ट्रेनी एसआई को जिलों में भेजने के आदेश की चर्चा हो रही है। इसे एसआई भर्ती 2021 पर सरकार की तरफ से फैसला नहीं करने से जोड़कर देखा जा रहा है। इसे तकनीकी तौर पर अहम माना जा रहा है। कैबिनेट बैठक के बाद एसआई भर्ती के सवाल पर कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा था कि यह मामला कैबिनेट के एजेंडे में नहीं था। मामला कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए इस पर ज्यादा कमेंट नहीं कर सकते।





