कोटपूतली बहरोड़ जिले के कीरतपुरा में 23 दिसंबर को बोरवेल में गिरने वाली तीन साल की मासूम चेतना, 10 दिन चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद भी जीवित नहीं लौट सकी। लंबी कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। शुक्रवार देर शाम, पावटा घंटाघर चौक पर स्थानीय लोगों ने मिलकर मासूम चेतना को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने दो मिनट का मौन रखा और अपनी संवेदनाएं व्यक्त की।
इस दौरान उन्होंने मासूम चेतना की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी की। लोग आंसुओं के साथ शोक मना रहे थे। कीरतपुरा गांव की मासूम चेतना की बोरवेल हादसे में मौत के बाद क्षेत्र में गम का माहौल है। इस अवसर पर समाजसेवी ओपी बायला, सुनील बोहरा, सरदार मल यादव गुरूजी, नरेश यादव गुरूजी, बाबूलाल यादव, सेठ रतन गोयल, महेश गुप्ता, विकास गिठाला, सुभाष आर्य, यादराम यादव, सुभाष सैनी, नरेश बंसल, मोहन सैन, रामकरण स्वामी, धर्मेन्द्र गुर्जर, साहिल बायला, नरेश सिसोदिया, कालू जाट सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे।





