सिरोही में पुरानी रंजिश को लेकर बदमाशों ने दलित युवक का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी। 3 बाइक पर सवार होकर आए 5 बदमाशों ने दलित युवक के साथ पहले लाठी-डंडों से मारपीट की और उसके बाद उसका अपहरण कर ले गए। रास्ते में बदमाश युवक का शव फेंककर फरार हो गए। दलित युवक की हत्या के बाद गुस्साए परिजन और समाज के लोग ने शव लेने से इनकार कर दिया है। लोग विधायक को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे हैं। मामला शिवगंज के खाड़ियावास मोहल्ले का है।
शिवगंज डीएसपी पुष्पेंद्र वर्मा ने बताया कि शेखर (19) पुत्र देवाराम कलावंत और आरोपी भावेश पुत्र जोगाराम प्रजापत के बीच किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। शेखर कलावंत स्कूटी पर सवार होकर घर जा रहा था। तभी भावेश और उसके चार साथियों ने उसका रास्ता रोक लिया और लाठी और सरिए से मारपीट शुरू कर दी। जिससे वह बुरी तरह लहूलुहान हो गया। जिसके बाद आरोपी उसका अपहरण करके ले गए और रास्ते में हालत अधिक खराब होने पर आरोपियों ने देवली मार्ग पर सड़क किनारे फेंक दिया।

एम्बुलेंस 108 ने पहुंचाया अस्पताल डीएसपी पुष्पेंद्र वर्मा ने बताया कि रास्ते से गुजर रहे राहगीर ने एक्सीडेंट की सूचना एम्बुलेंस 108 को दी। मौके पर पहुंची एम्बुलेंस ने घायल को प्राथमिक इलाज देते हुए शिवगंज के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। वहां मौजूद डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
एक आरोपी गिरफ्तार डीएसपी ने बताया कि सूचना मिलते पर पुलिस और युवक के परिजन अस्पताल पहुंचे। इस घटना की रिपोर्ट शिवगंज पुलिस थाने में मृतक की मां रेखा ने आरोपी भावेश सहित पांच लोगों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज करवाया। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। बाकि आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है। जिन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

जिला प्रशासन को चेतावनी मृतक के परिजन और समाज के लोग अस्पताल परिसर में धरने पर बैठ गए। उनका कहना है कि सभी आरोपियों को आज शाम 6 बजे तक गिरफ्तार किया जाए। शाम तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर हाईवे जाम करने की चेतावनी दी है। समाज के लोगों परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और एक करोड़ रुपए का मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।
विधायक के नहीं पहुंचने पर फूटा गुस्सा परिजन और समाज के लोगों का कहना है कि वारदात के बाद पूर्व विधायक संयम लोढ़ा अस्पताल परिसर में आए थे, लेकिन वर्तमान विधायक अभी तक नहीं आए। उन्हें मौके पर बुलाया जाए। विधायक एससी-एसटी समाज से दूरी क्यों बना कर रख रहे हैं। दूसरा समाज का होता तो विधायक तुरंत पहुंच जाते।






