मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उद्योग वाणिज्य राज्यमंत्री केके विश्नोई ने कल (10 जनवरी) बालोतरा स्थित पचपदरा रिफाइरी का दौरा किया था। इस दौरान विश्नोई ने कहा था- अप्रैल तक रिफाइनरी का बड़ा हिस्सा शुरू हो सकता है। इसके बाद जयपुर में पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने रिफाइनरी को लेकर कहा- सरकार ने एक साल बर्बाद कर दिया। इस पर सीएम भजनलाल शर्मा ने पलटवार किया। कहा- कांग्रेस सरकार के ढुलमुल रवैये के कारण 2023 के अंत तक तीन-चौथाई काम भी पूरा नहीं हो सका है। हम जुमलेबाजी में समय खराब नहीं करते।
पूर्व सीएम ने कहा- बीजेपी सरकार को चाहिए था कि सरकार बनते ही रिफाइनरी का काम आगे बढ़ाते। जब मैं रिफाइनरी में गया था तो प्रोजेक्ट को रिव्यू करने का वादा किया था। कहा था कि 31 दिसंबर 2024 तक हम इसे पूरा कर देंगे। अब ये (राज्यमंत्री केके विश्नोई) कह रहे हैं कि एक महीना, दो महीना…।

रिफाइनरी की लागत 40 से 70 हजार करोड़ हो गई पूर्व सीएम बोले- अगर एक-दो महीने में रिफाइनरी शुरू हो जाए तो हमें खुशी होगी। भाजपा सरकार ने पहले भी 5 साल बर्बाद कर दिए थे। कांग्रेस सरकार ने 2013 में रिफाइनरी का शिलान्यास करवाया था। इसके बाद सरकार बदली और फिर 5 साल इस पर काम नहीं हुआ। ऐसे में रिफाइनरी की लागत 40 हजार करोड़ से बढ़कर लगभग 70 हजार करोड़ पहुंच गई। पचपदरा रिफाइनरी में रिफाइंड होने वाला तेल देशभर में जाएगा या उत्तर भारत में जाएगा, यह अलग इश्यू है। यहां आधुनिक तकनीक का पेट्रो केमिकल कॉम्पलेक्स बन रहा है।
पूर्व सीएम गहलोत ने सोशल मीडिया पर लिखा-

सरकार को एक टीम बडोदरा भेजनी चाहिए गहलोत ने कहा- बडोदरा (गुजरात) में पेट्रो केमिकल प्रोडक्ट बनते हैं। वहां इनको टीम भेजनी चाहिए। अधिकारियों को अभी से तैयारी करनी चाहिए। यह देखना चाहिए कि कैसे हमारे हजारों-लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। मैं समझता हूं कि यह सबसे बड़ा काम होगा।
मुख्यमंत्री को चाहिए कि वे इस बात पर ध्यान दें कि पेट्रो केमिकल कॉम्प्लेक्स का आने वाले वक्त में किस प्रकार उपयोग होगा? उसका फायदा हमें मिलेगा या नहीं। रिफाइनरी तो लग गई, इनवेस्ट बड़ा हो गया। मुख्य काम इसके बाद का है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर निशाना साधा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रिफाइनरी के काम को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। सोशल मीडियो X पर लिखा है- रिफाइनरी का काम अक्टूबर 2022 में पूरा होना था। कांग्रेस सरकार के ढुलमुल रवैये के कारण 2023 के अंत तक तीन-चौथाई काम भी पूरा नहीं हो सका। हमने पिछले एक साल में 13500 करोड़ रुपए व्यय कर रिफाइनरी का 90 प्रतिशत से अधिक काम पूरा कर लिया है।
हमारी सरकार जुमलेबाजी में समय खराब करने की जगह सीधे एक्शन पर ध्यान देती है और इसी कारण लंबे समय से प्रतीक्षित रिफाइनरी शीघ्र शुरू होने जा रही है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया X पर लिखा-
राजेंद्र राठौड़ बोले- गहलोत चाहते तो रिफाइनरी बहुत पहले ही शुरू हो जाती पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं भाजपा नेता राजेन्द्र राठौड़ ने कहा- रिफाइनरी पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का दिया गया बयान न केवल हास्यास्पद है बल्कि ‘उल्टे बांस बरेली को’ वाली कहावत को सार्थक करता है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के समय वर्ष 2017 में रिफाइनरी का शिलान्यास हुआ था। यह अक्टूबर 2022 में पूरी होनी थी। कांग्रेस ने जानबूझकर रिफाइनरी परियोजना को लटकाया-भटकाया और इसकी लागत 36 हजार करोड़ रुपए से बढ़कर 72 हजार करोड़ रुपए हो गई।
अशोक गहलोत ने विधानसभा में तीन बार घोषणा करते हुए परियोजना शुरू करने की तारीख तय की थी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा प्रदेशवासियों को रिफाइनरी की सौगात जल्द देने के लिए कटिबद्ध हैं। दिसंबर 2023 में हमारी सरकार बनी तो रिफाइनरी का काम 72 प्रतिशत पूरा हुआ था।
हमने कार्य को गति देते हुए एक वर्ष में ही इसे 84 प्रतिशत तक पहुंचा दिया। वर्तमान में राजस्थान रिफाइनरी के निर्माण का काम तेजी से जारी है। इसकी 9 यूनिट्स में से लगभग सभी यूनिट्स का 90 प्रतिशत से ज्यादा काम पूरा हो चुका है। कांग्रेस के नेता हमेशा ईआरसीपी, ईडब्ल्यूएस आरक्षण, यमुना जल समझौते सहित विभिन्न मुद्दों पर सिर्फ प्रचार के लिए अनर्गल बात करते हैं। यह उनकी आदत में शुमार हो चुका है। अगर गहलोत चाहते तो रिफाइनरी बहुत पहले ही शुरू हो जाती।

मुख्यमंत्री-उद्योग राज्यमंत्री ने कल किया था दौरा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उद्योग वाणिज्य राज्यमंत्री केके विश्नोई ने 10 जनवरी को बालोतरा जिले के पचपदरा में स्थित रिफाइनरी का दौरा किया था। पचपदरा रिफाइनरी के प्रशासनिक सभागार में मीटिंग करने के बाद सीएम, राज्यमंत्री और अन्य बस से रिफाइनरी विजिट करने निकले थे। सीएम ने यहां नाइट्रोजन प्लांट का उद्घाटन किया था।





