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महिला प्रतिनिधियों और प्रतिभाशाली छात्राओं ने दिए सुझाव:दिल्ली हाट की तर्ज पर जयपुर में भी अमृता हाट बनाया जाए, जिसमें महिलाएं अपने उत्पादों का विक्रय कर सकें

दिल्ली हाट की तर्ज पर जयपुर में भी अमृता हाट बनाया जाए, जिससे इस हाट में राज्य और राज्य से बाहर की महिलाएं उत्पादों का विपणन कर सकें। इसी प्रकार सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एफआईसीसी, फोर्टी जैसे औद्योगिक संगठनों व स्वयं सेवी संस्थाओं को साथ लेकर काम किया जाए।

वहीं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते उपयोग और साइबर सिक्योरिटी की महता को जानते हुए महिलाओं के लिए विशेष कोर्स डिजाइन कर प्रशिक्षण दिया जाए। ऐसे ही 100 से ज्यादा सुझाव मुख्यमंत्री को मुख्यमंत्री कार्यालय के कन्वेंशन हॉल में महिला अधिकारिता विभाग की ओर से आयोजित बजट पूर्व परामर्श बैठक में महिला प्रतिनिधियों और प्रतिभाशाली छात्राओं ने दिए।

इस बैठक में शामिल हुए प्रतिभागियों में से 36 प्रतिभागियों ने आने वाले बजट के संबंध में अपने सुझाव दिए। मुख्यमंत्री ने सभी के सुझावों को बहुत गौर से सुना और कहा कि आपके ये सुझाव हमारे लिए बहुमूल्य हैं। इन पर परीक्षण करके यथोचित कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि देश और राज्य की आधी आबादी महिलाओं की है। कॉलेज तक के बच्चों की आबादी भी लगभग 25 प्रतिशत है। राज्य सरकार महिलाओं के विकास और सशक्तीकरण के लिए कटिबद्धता से कार्य कर रही है। बच्चों के प्रगति के रास्ते सुगम बनाने के लिए निरंतर प्रयास जा रहे हैं।

कार्यक्रम के प्रारंभ में महिला एवं बाल विकास विभाग शासन सचिव महेंद्र सोनी ने कार्यक्रम की पृष्ठभूमि के बारे में प्रकाश डालते हुए कार्यक्रम को संचालित किया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, मुख्य सचिव सुल्तान स्पंद सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में ये प्रमुख सुझाव सामने आए

  • वर्तमान में 99 प्रतिशत आभूषण निर्माण और विकास कार्य पुरुषों करते हैं। महिलाओं को इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष कौशल विकास कार्यक्रम शुरू किए जाएं। इससे महिलाएं इस उद्योग में भी सफलता प्राप्त कर सकें।
  • महिलाओं से संबंधित आर्थिक, सामाजिक, सशक्तीकरण और उनके संरक्षण की योजनाओं का लाभ नवीन स्थापित जिले की महिलाओं तक भी पहुंचना जरूरी है। नवीन स्थापित जिलों में महिला अधिकारिता के कार्यालय की स्थापना की जाए।
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते उपयोग और साइबर सिक्योरिटी महत्व को को देखते हुए महिलाओं के लिए विशेष कोर्स डिजाइन कर प्रशिक्षण दिया जाए।
Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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