पूर्व विधायक बलजीत यादव के ठिकानों पर शुक्रवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी की है। पूर्व विधायक यादव की फर्म पर सरकारी स्कूलों में घटिया सामान की आपूर्ति का आरोप है।
ईडी सूत्रों के मुताबिक यादव के जयपुर में 8 ठिकानों के साथ दौसा व अलवर स्थित एक-एक ठिकाने पर टीमें पहुंची हैं। रेड की कार्रवाई पीएमएलए कानून के तहत हो रही है।

3.72 करोड़ के घोटाले का आरोप
विधायक व उनसे जुड़े कुछ लोगों पर आरोप है कि इनकी कुछ कंपनियों ने सरकारी स्कूल के अंदर विधायक कोष से सामान की आपूर्ति में 3.72 करोड़ रुपए का घोटाला किया।
विधायक कोष को दुरुपयोग कर नियमानुसार जो अनुमति लेनी थी, वह परमिशन नहीं ली गई। इसके साथ ही टेंडर देने वाली फर्मों ने फेक डॉक्यूमेंट का यूज किया।
ढाई गुना ज्यादा में की खरीद बलजीत यादव व उसके सहयोगियों की कंपनियों ने विधायक कोष में क्रिकेट-बैडमिंटन किट की खरीद की। ईडी का मानना है कि विधायक फंड में हेरफेर कर 2.50 गुना अधिक में खरीद कर सरकार को नुकसान पहुंचाया गया।
गहलोत सरकार को दिया था समर्थन
आरोप है कि विधायक कोष का दुरुपयोग कर सरकार को राजस्व की हानि पहुंचाई गई। बलजीत यादव 2018 से 2023 में बहरोड़ से निर्दलीय विधायक रहे हैं।
विधायक रहते हुए बलजीत यादव ने अशोक गहलोत सरकार को समर्थन दिया था, राज्यसभा चुनाव में भी यादव ने कांग्रेस के पक्ष में वोटिंग की थी।
क्या है PMLA एक्ट?
PMLA देश में 2005 में लागू किया गया। मकसद मनी लॉन्ड्रिंग को रोकना और उससे जुटाई गई प्रॉपर्टी को जब्त करना है। PMLA के तहत दर्ज किए जाने वाले सभी अपराधों की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) करता है।





