अपनी सौतेली बेटी लक्ष्मी की हत्या कर फरार हुआ पिता जीतू अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। बच्ची की मां कोमल ने अपने पति (जीतू) के खिलाफ बेटी को मुंह दबाकर मारने का आरोप लगाया है। कोमल की यह दूसरी शादी थी। पहले पति ने उसे बेटी (लक्ष्मी) होते ही छोड़ दिया था, जबकि दूसरे ने उसकी हत्या कर दी।
इधर, पड़ोसियों ने बताया कि डेढ़ महीने से रोजाना सुबह 4 बजे बच्ची रोती थी तो उसकी आवाज आती थी। वारदात की सुबह उसकी आवाज नहीं आई। पड़ोसियों ने जीतू को बदहवास हालत में सीढ़ियों से भागते देखा था। वहीं उसके आधे घंटे बाद कोमल बेटी लक्ष्मी को लेकर दौड़ती नजर आई थी। हत्या के बाद से जीतू अब तक फरार है, उसकी तलाश की जा रही है।
पहले पति ने लक्ष्मी के होते ही छोड़ा, दूसरा रोती तो पीटता था कोमल की पुलिस को दी रिपोर्ट के अनुसार- 2 साल पहले उसकी शादी हथौली थाना इटावा निवासी अशोक से हुई थी। बेटी होने के बाद अशोक ने कोमल को छोड़ दिया था। तब लक्ष्मी 1 साल की थी। इसके बाद से ही कोमल अपनी बेटी लक्ष्मी के साथ अपने पिता रामावतार के पास कोटा के प्रेमनगर में रह रही थी।
दो महीने पहले ही उसने अटरू निवासी जीतू से कोर्ट मैरिज कर ली थी। इसके बाद से दोनों डीसीएम इलाके में किराए से रह रहे थे। कोमल ने बताया- जीतू लक्ष्मी को पसंद नहीं करता था। वह उसे साथ रखने से भी मना करता था। लक्ष्मी रोती तो वह उसके साथ मारपीट करता था।

वारदात की रात बोला- छोड़ दे, रोते-रोते सो जाएगी रिपोर्ट में कोमल ने बताया- 20 जनवरी की रात 8 बजे जीतू अपना काम करके किराए के कमरे पर आया था। इसके बाद कोमल ने खाना बनाया और लक्ष्मी के साथ बैठकर तीनों ने खाना खाया था। लक्ष्मी ने आधी रोटी खाई थी, इसके बाद जीतू उसे पानी पिलाने लगा।
कोमल ने बताया- अचानक जीतू ने मुझे कमरे से बाहर निकाल दिया। अंदर की कुंडी लगा ली। उस वक्त रात के 9 बजे रहे थे। मुझे अंदर से लक्ष्मी की रोने की आवाज आ रही थी। मैं दरवाजा खटखटाती रही। करीब आधे घंटे बाद साढ़े 9 बजे जीतू ने कमरे की कुंडी खोली।
उस वक्त लक्ष्मी रो रही थी। कोमल ने लक्ष्मी को संभालने का प्रयास किया। जीतू ने फटकार लगाते हुए कहा- इसे रोने दे, रोते-रोते अपने आप सो जाएगी।

कोमल ने बताया कि इसके बाद घर का काम निपटा कर करीब 11 बजे मैं भी सो गई। अगले दिन सुबह 7 बजे उठे तो कोमल ने जीतू के लिए चाय बनाई। लक्ष्मी इस दौरान सो रही थी। चाय पीकर कोमल जैसे ही बेटी को देखने गई गई तो जीतू ने टोक दिया। जीतू ने कहा कि अभी मत देख, सोने दे। मैं जब अटरू (अपने गांव) चला जाऊं तब उठा देना, देख लेना।
सुबह कमरे से निकल कर भागा इसके बाद जीतू सुबह साढ़े 8 बजे के आसपास कमरे से निकल गया। तब कोमल ने लक्ष्मी को देखा तो उसके शरीर में कोई हलचल नहीं थी। उसके गाल, कमर, जांघों पर निशान थे। इसके बाद कोमल बेटी लक्ष्मी को लेकर पिता के पास भागी। पिता के साथ बेटी को जेके लोन हॉस्पिटल लेकर गई। वहां पर ड्यूटी डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। कोमल ने अपने पति पर बेटी लक्ष्मी को मुंह दबाकर मारने का आरोप लगाया है।
तेजी से उतरकर भागा था आरोपी जिस मकान में जीतू किराए से रहता था। वहां शिशुपाल भी अपने परिवार के साथ नीचे वाले पोर्शन में किराए से रहता है।
शिशुपाल ने बताया- सुबह साढ़े 8 बजे मैं उठा तो देखा जीतू तेजी से सीढ़ियों से उतरा और गली के बाहर भाग गया। उस वक्त ज्यादा ध्यान नहीं दिया। करीब आधे घंटे बाद कोमल भी 1 साल की बच्ची लक्ष्मी को गोद में उठाकर उतरी, बच्ची के मुंह से झाग निकल रहे थे। वह शायद अपने पिता के यहां गई थी।






