नगर निगम हेरिटेज कमिश्नर अरुण कुमार हसीजा ने दावा किया है कि जयपुर में अवैध डेरियों के खिलाफ नगर निगम कर्मचारी और ठेका संचालकों की मिलीभगत की वजह से पुख्ता कार्रवाई नहीं हो पाई है। जल्द ही इस मामले में सख्त एक्शन लेकर योजना बंद तरीके से जयपुर शहर से सभी अवैध डेरियों को हटाया जाएगा।
उन्होंने कहा- निगम की पशु प्रबंधन शाखा में काफी तरह की अनियमितताएं भी सामने आई हैं। शाखा की टीम जब किसी पशु को पकड़ती है। नियमों के विपरीत ठेकेदार और निगम के कर्मचारियों द्वारा बिना अनुमति के ही पकड़े गए पशु को छोड़ दिया जाता है। ऐसे में इस तरह के ठेकेदार और निगम कर्मचारियों के खिलाफ निगम द्वारा सख्त से सख्त एक्शन लेकर उन्हें हटाया जाएगा।
उन्होंने कहा- हिंगोनिया गौशाला में भी पशुओं को लेकर अनियमिताएं देखने को मिली है। जहां बिना पेनल्टी के ही काफी पशुओं को छोड़ा गया है। इस मामले की जांच की जा रही है। जो भी व्यक्ति इसमें दोषी होगा। उसके खिलाफ जल्द ही सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कमिश्नर ने बताया- नगर पालिका एक्ट के तहत शहरी क्षेत्र में डेयरी का संचालन नहीं किया जा सकता है। बावजूद इसके जयपुर शहर में बड़ी संख्या में लोग अवैध तरह से व्यवसाय के रूप में डेयरी का संचालन कर रहे है। उसे पूरी तरह प्रतिबंधित कर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों से नगर निगम में पशु प्रबंधन शाखा के उपायुक्त और डॉक्टर नहीं थे।अब पशु प्रबंधन विभाग ने नगर निगम में एक परमानेंट डॉक्टर की नियुक्ति कर दी है। ऐसे में अब योजना बंद तरीके से पूरे शहर में अवैध डेयरियों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। निगम की टीम न सिर्फ उनके पशुओं को पकड़ेगी। बल्कि, अवैध डेरियों के खिलाफ नगर पालिका नियमों के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।
कमिश्नर ने कहा- जयपुर शहर में मंगलवार के दिन मांस बेचने पर प्रतिबंध है। बावजूद इसके शहर में काफी संख्या में लोग मंगलवार के दिन मांस की बिक्री करते हैं। उनके खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। अब तक एक दर्जन से ज्यादा मीट और मांस की दुकानों को सीज कर दिया गया है। पांच दर्जन से ज्यादा पशुओं को पकड़ हिंगोनिया गौशाला पहुंचाया गया है। इसके साथ ही हमारी टीम जयपुर शहर की अवैध डेरियों का सर्वे कर रही है। जिन्हें हटाने के लिए जल्द विशेष अभियान की शुरआत होगी और शहर से एक-एक करके सभी अवैध डेरियों को हटाया जाएगा।






