कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने महाकुंभ में मची भगदड़ के लिए सरकारी अव्यवस्थाओं और बीजेपी नेताओं की सेल्फी को जिम्मेदार ठहराते हुए निशाना साधा है। डोटासरा ने कहा- आज के जमाने में भी रील बनाने के लिए बीजेपी के नेता कुंभ में जा रहे हैं, भगदड़ मच रही है। वहां पर सरकार व्यवस्था ही नहीं कर पा रही है, लोगों की मौत हो रही है।
डोटासरा ने कहा- महाकुंभ हम सब के लिए गर्व का विषय है, लेकिन व्यवस्थाएं करना सरकार का काम है। यह जो वीआईपी प्रोटोकॉल है, मंत्री मुख्यमंत्री बार-बार जाकर रील्स बना रहे हैं, इससे वहां पर अव्यवस्थाएं हो रही हैं। शंकराचार्यजी ने भी कहा है कि कुंभ हमारी धार्मिक आस्था का केंद्र है हम सब के लिए गौरव का विषय है, लेकिन वहां पर वीआईपी कल्चर और सरकार की व्यवस्थाएं नहीं होने के कारण सैकड़ों लोगों की मौत हो गई है। डोटासरा ने गुरुवार को जयपुर कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से यह बात कही।

राठौड़ से संसदीय कला सीखी, उनमें काफी अच्छाइयां राजेंद्र राठौड़ के डोटासरा को सपने में भी बीजेपी दिखने, बीजेपी फोबिया होने के बयान से जुड़े सवाल पर डोटासरा ने कहा- वो तो राठौड़ साहब को भी सपने में यही आता है। बीजेपी-आरएसएस ने उनके साथ क्या किया? वे तो खुद जनता दल से आए थे। भैरोंसिंह जी उन्हें बीजेपी में लेकर आए थे, वसुंधराजी ने उन्हें आगे बढ़ाया। बाद में शायद वसुंधराजी के खिलाफ हो गए।
डोटासरा ने कहा- उनके साथ बीजेपी ने जो किया वह देख रहे हो। अभी राठौड़ साहब को नहीं बोलना चाहिए, उनके दिन अच्छे नहीं हैं। मैं नहीं बोलूंगा, वो मेरे बड़े भाई हैं। राजस्थान की विधानसभा में उनसे पार्लियामेंट्री कला को हमने सीखने का प्रयास किया है। उनकी विचारधारा तो हम नहीं अपना सकते हैं, लेकिन काफी कुछ उनमें अच्छाइयां है।
किरोड़ी झुकेंगे नहीं, उन्होंने वसुंधरा को नहीं बख्शा, भजनलाल क्या चीज हैं? प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने मंत्री किरोड़ीलाल मीणा के विधानसभा सत्र से छुट्टी लेने के सवाल पर कहा- डॉ. किरोड़ी के साथ तो गलत कर रहे हैं। दौसा में गलत किया, एसआई भर्ती में गलत किया, अभी विभागों में गलत किया। अब कब बम फूटता है, देखते हैं। वो आदमी झुकने वाला नहीं है यह तो मैं कह सकता हूं। झुकेंगे नहीं भले टूट जाएंगे। मैं उनको जानता हूं, वसुंधराजी के सामने उनके तेवर देखे हैं। अब भजनलालजी तो चीज क्या हैं, उन्होंने वसुंधरा जी को भी नहीं बक्शा। तो देखते हैं कब क्या होता है?
बीजेपी वाले वसुंधरा राजे, किरोड़ी-राठौड़ का सम्मान नहीं करते डोटासरा ने कहा- उनके साथ बीजेपी ज्यादती कर रही है। एक हमारे बड़े भाई हैं उनके साथ भी ज्यादती कर रहे हैं। हार-जीत चलती रहती है। पहले तो मंत्रालय के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। सम्मान तो होना चाहिए, वरिष्ठ नेता हैं। कोई किसी पार्टी का सीनियर नेता है तो सम्मान होना चाहिए। उनके यहां तो पर्ची आती है, इसका सम्मान करना है तो करना है, नहीं करना तो नहीं करना है।
बीजेपी के जिलाध्यक्ष भी पर्ची से बन रहे, मदन दिलावर बाड़मेर में पर्ची खोलकर आए थे डोटासरा ने बीजेपी में पर्ची के जरिए जिलाध्यक्षों की सर्वसम्मति से होने वाली घोषणा पर तंज कसा। डोटासरा ने कहा- बाड़मेर में भी मदन दिलावर पर्ची खोलकर ही जिला अध्यक्ष का चयन करके आए थे। यह पर्ची वाला खेल तो हो गया, पर्ची सरकार तो है ही, वह तो खुद ही कहने लगे हैं। बात यह है कि जनता के मुद्दों की तरफ उनका कोई ध्यान नहीं है।
शिक्षा मंत्री को शिक्षा से कोई मतलब नहीं, वे आरएसएस को एक्सपोज कर रहे डोटासरा ने कहा- शिक्षा मंत्री को शिक्षा से कोई मतलब नहीं है, वे तो बेमतलब में खुद को एक्सपोज करने के साथ आरएसएस-बीजेपी को एक्सपोज कर रहे हैं। शिक्षा की गुणवत्ता पर बात करें तो ज्यादा ठीक है। शिक्षा मंत्री के बारे में बोलने के लिए तो सब उत्साहित हैं और ऊर्जा के साथ राजस्थान विधानसभा में बोलेंगे।

गांधी नहीं गोडसे की विचारधारा मानने वाले लोग हैं डोटासरा ने कहा- बीजेपी सरकार को सवा साल हो गया, जनता के कल्याण के लिए काम नहीं कर रहे हैं। एक भी योजनाएं ला नहीं पाए। केवल भ्रमित करना, कांग्रेस को गाली देना, कांग्रेस के नेताओं गाली देना, पंचायती राज और नगर निकाय को कमजोर करना यही काम रह गया है। लोकतंत्र को कमजोर करना उनकी आदत में शुमार है, यह उनके एजेंडे में शामिल है। ये महात्मा गांधी की विचारधारा को मानने वाले नहीं हैं, ये नाथूराम गोडसे की विचारधारा को मानने वाले लोग हैं।





