जयपुर: राजस्थान विधानसभा में आज प्रश्नकाल शुरू होने के साथ ही खींचतान के हालात बन गए. सरकार के मंत्रियों ने विधानसभा अध्यक्ष की व्यवस्था का ही विरोध कर दिया, तो वही कांग्रेसी विधायक में TAD मंत्री पर हमला बोला. विधानसभा अध्यक्ष की सदन का समय बचाने की मुहिम को बजाय हंगामे के कारण सदन का समय खराब हो गया.
विधानसभा में प्रश्न कल शुरू होते ही खींचतान के हालात बन गए. अमूमन विपक्ष के सदस्य स्पीकर की व्यवस्था पर सवाल खड़े करते है, लेकिन आज तो सरकार के मंत्री ही स्पीकर की व्यवस्था के खिलाफ हो गए. दरअसल स्पीकर ने प्रश्नों के जवाब पढ़े हुए माने जाने और सीधे पूरक सवाल पूछने की व्यवस्था लागू करने की घोषणा की. संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने नियम पुस्तिका दिखाते हुए इसका विरोध किया और फिलहाल इस व्यवस्था को टालने के लिए कहा. शिक्षा मंत्री मदन दिलावर सहित अन्य मंत्रियों में भी व्यवस्था का विरोध किया.
यह मामला शांत हुआ ही था कि जनजातीय इलाकों में महिला छात्रावास खोले जाने से जुड़े सवाल पर गणेश घोघरा की मंत्री पर की गई टिप्पणी से हंगामा हो गया.कांग्रेस विधायक गणेश घोघरा ने कहा कि जनजाति विकास विभाग महिला छात्रावास क्यों नहीं खोलना चाहता है. इस पर जनजाति विकास TAD मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने कहा कि हमारा विभाग महिला छात्रावास नहीं खोलता है यह नियमों में नहीं है. अगर आपको लगता है तो सरकार वृद्ध आश्रम चलती है वहां महिला और पुरुष दोनों रह सकते हैं.
इस पर गणेश घोघरा ने सवाल उठते हुए कहा कि मंत्री जी, आप फिर TAD मंत्री क्यों बने हैं,जब जनजाति का विकास ही नहीं कर सकते तो. गणेश घोघरा की टिप्पणी पर स्पीकर ने आपत्ति जताते हुए कहा कि आप सीधे कमेंट नहीं कर सकते, आप सवाल पूछ सकते हैं, मंत्री पर टिप्पणी नहीं करोगे.






