
जयपुर (सुनील शर्मा) राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सुप्रीमो तथा नागौर से लोकसभा सांसद हनुमान बेनीवाल ने मंगलवार को लोकसभा में चर्चा में लिए लाए गए संविधान ( 128 वा संशोधन) विधेयक 2023 को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा की विधेयक में जो प्रावधान किए गए उसे पढ़ने के बाद यह पता चला की संविधान (एक सौ अट्ठाईसवा संशोधन)अधिनियम 2023 के प्रारंभ के पश्चात पहली जनगणना के सुसंगत आंकड़ों को प्रकाशित किए जाने के पश्चात इस प्रयोजन के लिए परिसीमन कार्य के पश्चात प्रभावी होंगे जिससे यह जाहिर हो रहा है की सरकार 2024 के आम चुनाव में इस विधेयक को प्रभावी नहीं कर पाएगी ऐसे में यह स्पष्ट है की सरकार केवल चुनाव में दिखावे के लिए और सेना में अग्निपथ,किसान आंदोलन,महंगाई और बेरोजगारी जैसे देश के मूल मुद्दो से जनता का ध्यान भटकाने के लिए महिला आरक्षण से जुड़ा यह बिल लेकर आ रही है।
*विधानसभा और लोक सभा चुनाव से पूर्व लागू हो महिला आरक्षण*

सांसद बेनीवाल ने कहा की आगामी महीनों में राजस्थान सहित पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों तथा 2024 के आम चुनाव में महिला आरक्षण से जुड़ा विधेयक लागू होना चाहिए और हम इसके पक्षधर है !
*9 वर्षो में क्यों नही लाए*
सांसद हनुमान बेनीवाल ने मोदी सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि 2014 में एनडीए की सरकार बनी और 2023 समाप्ति की और जा रहा है ऐसे में 9 वर्षो से अधिक समय के कार्यकाल में मोदी सरकार को महिला आरक्षण से जुड़े बिल की याद क्यों नही आई,बेनीवाल ने कहा की इस विधेयक के पारित हो जाने के बाद भी यह देश के आम चुनाव में लागू नहीं हो पाएगा जो सरकार की मंशा और नीति पर बड़ा सवालिया निशान है जबकि प्रधानमंत्री और एनडीए के नेता अभी से श्रेय लेने की होड़ में लग गए जबकि इस बिल को लाने के लिए पूर्व में कई सरकारों द्वारा प्रयास भी किए गए।






