जयपुर के सरकारी डेंटल कॉलेज में एक मरीज की ऑपरेशन के तीन घंटे बाद ही मौत हो गई। मौत के बाद हॉस्पिटल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। ऐसे आरोप लगाए जा रहे है कि मरीज का ऑपरेशन करने के दौरान ही तबियत बिगडृ गई थी, जिसके बाद उनको आईसीयू में न शिफ्ट करके जनरल वार्ड में शिफ्ट किया गया। हालांकि हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने इन आरोपों को गलत बताया है।
कॉलेज के सीनियर प्रोफेसर डॉ. संकल्प मित्तल ने बताया कि दौसा के रहने वाले 65 साल के मरीज का कल जबड़े का ऑपरेशन किया था। ऑपरेशन सफल होने के बाद जब उन्हें वार्ड में ट्रांसफर किया तो करीब 3 घंटे बाद उनको कार्डियक अरेस्ट आ गया, जिससे उनकी डेथ हो गई।
डॉ. मित्तल का कहना है कि जो लोग ये कह रहे है कि ऑपरेशन के दौरान ही मरीज की स्थिति बिगड़ गई थी, वह गलत है। ऑपरेशन बिल्कुल सफल रहा था। मरीज के जबड़े में जो स्क्रू लगा था वह ढीला हो गया था उसे निकालने और जबड़े जो थोड़ा कम खुल रहा था उसे ठीक करने के संबंध में ऑपरेशन किया था।
परिजन को पोस्टमार्टम करवाने के लिए कहा था
हमने मरीज के परिजनों को भी शंका होने पर पोस्टमार्टम करवाने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने पोस्टमार्टम करवाने से मना कर दिया था। उन्हें पता था कि ऑपरेशन सफल हो गया है, लेकिन कार्डियक अरेस्ट आने से मरीज की डेथ हो गई।
पिछले साल करवाया था ऑपरेशन
डॉ. मित्तल ने बताया- मरीज ने पिछले साल ही जून में इसी हॉस्पिटल में ऑपरेशन करवाया था। उस समय जब मरीज दिखाने आए थे तब पता चला था कि वह 40 साल पहले पेड़ से गिरने पर मुंह के जॉइंट में इंजरी हो गई थी। जबड़े और सिर (खोपड़ी) को जोड़ने वाले जॉइंट की हड्डी बढ़ गई, जिसके कारण उस समय उनका मुंह धीरे-धीरे खुलना कम हो गया। खाना खाने के लिए भी मुंह खोलने में परेशानी होने लगी। तब हमारी टीम ने ही मरीज के जबड़े का ट्रांसप्लांट किया था।





