फोन टैपिंग पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान के बाद बीजेपी उन पर हमलावर हो गई है। गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा अशोक गहलोत राज्यपाल के अभिभाषण पर सीएम भजनलाल शर्मा के सदन में दिए गए जवाब से तिलमिला गए हैं। फोन टैपिंग करना कांग्रेस का कल्चर है। हमारे यहां किसी विधायक और मंत्री का फोन टैप नहीं होता है।
वहीं पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा-
फोन टैप कैसे होते हैं और सरकारें कैसे षड्यंत्र करती हैं, गहलोत जी आपसे बेहतर कोई नहीं जानता है। उन्होंने कहा आप फोन टैप पर बयान देने से पहले एक बार अपने ओएसडी रहे लोकेश शर्मा से बात कर लेते। जिन्होंने अदालत में बयान दिया है कि आप के निर्देश पर कई नेताओं के फोन टैप हुए थे।

बेढ़म बोले- गहलोत ने किरोड़ी का फोन टैप कराया था गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा कि गहलोत ने अपने नेताओं के खिलाफ निकम्मा, नकारा जैसे शब्दों का उपयोग किया। आपने अपनी पार्टी के तत्कालीन प्रदेशाध्यक्ष और उप मुख्यमंत्री के खिलाफ स्तरहीन बयान दिए थे। आपने उनके फोन टैप करवाए।
आपके विधायक ने सरेआम कहा था कि आप नेताओं के फोन टैप करवा रहे हैं। खुद किरोड़ीलाल मीणा ने कहा है कि अशोक गहलोत ने उनका फोन टैप करवाया। आप अपने राज में कुर्सी-कुर्सी का खेल-खेलते रहे।
पहले जानिए- फोन टैपिंग का मामला कहां से शुरू हुआ था
मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने जयपुर में कहा था- मैंने भ्रष्टाचार के कुछ मामले बीच में उठाए थे, 50 फर्जी थानेदारों को गिरफ्तार किया गया था। मैंने जब कहा कि ये परीक्षा रद्द करो, तो सरकार ने मेरी बात नहीं मानी थी।
उल्टा सरकार की तरफ से जैसा पिछले राज में हुआ करता था, वैसा ही हो रहा है। चप्पे-चप्पे पर मेरे लिए सीआईडी लगाई जा रही है, मेरा टेलीफोन भी रिकॉर्ड किया जा रहा है। इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।






