विराटनगर में जनवरी महीने में हुई मारपीट में घायल युवक सुभाष की शनिवार को अस्पताल में मौत हो गई। इसके बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस थाने में धरना शुरू कर दिया। मृतक के परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी, विराटनगर अस्पताल में शव का पोस्टमॉर्टम और न्याय की मांग कर रहे थे।

प्रशासन द्वारा निम्स अस्पताल में पोस्टमॉर्टम का प्रस्ताव रखने पर ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति को देखते हुए विधायक कुलदीप धनकड़ भी मौके पर पहुंचे और मामले को सुलझाने का प्रयास किया। एसडीएम, एएसपी, डीएसपी सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से वार्ता की।
लगभग 20 घंटे के विरोध प्रदर्शन के बाद रविवार देर रात प्रशासन और प्रतिनिधिमंडल के बीच सहमति बन गई। समझौते के अनुसार सोमवार सुबह विराटनगर अस्पताल में ही शव का पोस्टमॉर्टम किया गया। साथ ही प्रशासन ने मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता देने और परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने का आश्वासन दिया है। इस आश्वासन के बाद धरना समाप्त हो गया।





