भीलवाड़ा में जैसलमेर के गुलाब सागर मठ के महंत ब्रह्मपुरी महाराज (63) की गुरुवार सुबह सड़क हादसे में मौत हो गई। मध्य प्रदेश के मंदसौर में भागवत कथा कार्यक्रम में जा रहे महंत की कार ड्राइवर को नींद की झपकी के कारण खड़े ट्रक से जा टकराई।
हादसे में कार के परखच्चे उड़ गए और ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका भीलवाड़ा अस्पताल में इलाज चल रहा है। हादसे की सूचना मिलते ही मांडल थाना इंचार्ज नंदलाल पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। महंत के पार्थिव शरीर को मांडल अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखा गया है।
जैसलमेर से उनके शिष्यों के पहुंचने के बाद पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। बता दे कि ब्रह्मपुरी महाराज ने 14 साल की उम्र में संन्यास ले लिया और गुलाब सागर मठ में रहने लगे। यह मठ 300 साल पुराना है।

जयपुर-भीलवाड़ा नेशनल हाईवे पर हादसा मांडल थाना के हेड कॉन्स्टेबल हनुमान प्रसाद ने बताया- गुरुवार सुबह 09.30 बजे जयपुर-भीलवाड़ा नेशनल हाईवे 79 पर थाना इलाके के रायसिंहपुरा गांव के पास स्विफ्ट कार खड़े ट्रक में घुस गई। कार को जैसलमेर निवासी अशोक वैष्णव पुत्र हेमराज चला रहा था।
कार में सवार संत ब्रह्मपुरी महाराज (63) उर्फ गोपाल गुप्ता जैसलमेर के गुलाब सागर मठ के महंत थे। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
भागवत कथा के लिए मिला था निमंत्रण जानकारी के अनुसार ड्राइवर अशोक को लेकर ब्रह्मपुरी महाराज जैसलमेर से बुधवार रात 11 बजे मंदसौर के लिए कार से रवाना हुए थे। भीलवाड़ा अजमेर हाईवे पर रायसिंहपुरा गांव में अशोक को झपकी आई और कार खड़े ट्रक में घुस गई।
हादसे की सूचना पर मांडल थाना पुलिस की नानकपुरा पुलिस चौकी का स्टाफ मौके पर पहुंचे। कार सवारों को एंबुलेंस से मांडल अस्पताल पहुंचाया गया। जहां ब्रह्मपुरी महाराज को मृत घोषित कर दिया गया। अशोक का इलाज जारी है। कार बुरी तरह डैमेज हो गई। जिसे क्रेन से हटाया गया।
12 वर्ष की उम्र में ही परिवार को त्यागा अटल अखाड़ा के संत और गुलाब सागर मठ के महंत ब्रह्मपुरी उर्फ गोपाल गुप्ता के भतीजे अखिलेश गुप्ता ने बताया- गुलाब सागर मठ 300 साल पुराना है। महंत ब्रह्मपुरी फिलहाल जैसलमेर रेलवे स्टेशन के पास बाबा देवपुरी योगा आश्रम (हनुमान मंदिर आश्रम) में रह रहे थे। हादसे की जानकारी मिलते ही जैसलमेर से कई महंत व संत भीलवाड़ा के लिए रवाना हो गए। वहीं जैसलमेर में उनके शिष्यों में शोक की लहर फैल गई है।





