राजस्थान विधानसभा में शनिवार को प्रश्नकाल के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को लेकर की गई टिप्पणी पर हंगामा हो गया। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने एक सवाल के जवाब में कहा- पिछले बजट में 2023-24 में आपने हर बार की तरह अपनी दादी इंदिरा गांधी के नाम पर इस योजना का नाम रखा।
इस टिप्पणी पर विपक्ष भड़क गया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मंत्री की टिप्पणी का कड़ा विरोध करते हुए कहा- यह क्या बकवास है? इंदिरा गांधी देश की प्रधानमंत्री रही हैं, उनके लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
मामला इतना बिगड़ा कि कांग्रेस के विधायक वैल में आ गए और नारेबाजी शुरू कर दी। संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने स्थिति को शांत करने का प्रयास किया और कहा कि ‘दादी’ एक सम्मानजनक शब्द है, लेकिन तब तक विधायक स्पीकर की टेबल तक पहुंच गए। हंगामा बढ़ता देख स्पीकर ने सुबह 11:36 बजे सदन की कार्यवाही को 30 मिनट के लिए स्थगित कर दिया।
30 मिनट के ब्रेक के बाद दोपहर 12 बजकर 36 मिनट पर सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, लेकिन हंगामा जारी रहा। कांग्रेस के विधायक वैल में नारेबाजी करते रहे। इस पर स्पीकर ने 2 बजे तक के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।

जोगाराम बोले- विपक्ष के नेता स्पीकर के पास पहुंच गए, धमकाने लगे संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने विधानसभा के बाहर मीडिया से बात करते हुए कहा- आज हमारे सभी मंत्री प्रश्न के प्रभावी तरीके से जवाब दे रहे थे। तथ्यात्मक जवाब दे रहे थे। पहले तो विधायक रफीक खान ने कहा कि यह जवाब सब हवा हवाई है तो हमने एतराज किया।
पटेल ने कहा- कांग्रेस को लगा कि आज तो बहुत प्रभावी जवाब हो रहा है, इसलिए जान बूझकर व्यवधान डालने की प्रक्रिया की गई। कांग्रेस पार्टी के नेता स्पीकर के नजदीक पहुंच गए। धमकाने लगे। उनसे छीना झपटी करने का प्रयास किया। विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही को स्थगित कर दिया, नहीं तो कोई अप्रिय घटना हो सकती थी।
डोटासरा बोले- हम सदन में गाली नहीं सुनेंगे विधानसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा- सत्ता पक्ष खुद सदन नहीं चलाना चाहता। हम विधानसभा में गाली नहीं सुनेंगे। मंत्री जवाब नहीं दे पा रहे। यह सदन चलाने वाले लक्षण नहीं है।






