विधानसभा में गुरुवार को प्रश्नकाल के दौरान कोचिंग सेंटर और साइबर क्राइम पर हंगामा हुआ। प्रश्नकाल के दौरान गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम के जवाब पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने ही सवाल उठा दिया। जूली ने कहा कि सरकार ये बताए की साइबर क्राइम बढ़ा है या कम हुआ है। पिछले साल 46 हजार 494 सिम ब्लाॅक की, लेकिन 16 हजार 739 आईएमईआई ही ब्लाॅक किए।
साइबर फ्रॉड के नाम पर 50-50 लोगों को अरेस्ट किया और सिर्फ दो लोगों को मुकदमे में रखा। बाकी लोगों को 151 में दिखा कर छोड़ दिया। इस पर बेढ़म ने कहा कि आपके राज में पुलिस साइबर अपराधियों के घर पर दबिश देने जाती थी तो पुलिस पिटती थी और सत्ता पक्ष के लोग समर्थन करते थे।
आज उस अपराध पर अंकुश लगा है। इस पर विपक्ष ने हंगामा कर दिया। जूली ने कहा कि पॉलिटिकल भाषण नहीं चाहिए, मेरे प्रश्न का जवाब तो दें। कांग्रेस विधायक शांति धारीवाल ने सरकार से कोचिंग सेंटर में साइक्लॉजिस्ट व काउंसलर की नियुक्ति की चैकिंग को लेकर पूरक प्रश्न पूछा तो चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि सरकार कोचिंग सेंटर में जाकर दादागिरी नहीं कर सकती है।
जब तक बिल पास नहीं हो जाता है, तब तक लीगल तौर पर कोचिंग सेंटर को काउंसलर के लिए बाउंड नहीं कर सकते है। इससे हंगामा हो गया। स्पीकर ने दोनों पक्षों को बैठाया। इससे पहले साइबर क्राइम के आंकड़ों को पर भी नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सवाल उठाया।
सेंट्रल की गाइडलाइन की पालना नहीं
धारीवाल ने कहा कि सेंट्रल की गाइडलाइन है कि हर कोचिंग संस्थान में साइक्लॉजिस्ट व काउंसलर होना अनिवार्य है। इसको लेकर भाजपा विधायक भी बोलने लग गए। इस पर नेता प्रतिपक्ष ने भाजपा विधायकों की तरफ देखते हुए स्पीकर से कहा कि गंभीर मामला है। कोटा में बच्चे सुसाइड कर रहे हैं।
गंभीर विषय है और यह मजाक बना रहे हैं। जब धारीवाल दुबारा बोलने लगे तो स्पीकर ने कहा कि पहले उत्तर आने दो। आप भाषण कर रहे है। इस पर हंगामा हो गया। चिकित्सा मंत्री गजेंद्र खींवसर ने जवाब दिया कि जोधपुर, जयपुर, कोटा में साइक्लोजिकल काउंसलिंग सेंटर खोले गए है।
प्रदेश के कोचिंग सेंटर्स के रेगुलेशन को लेकर सरकार लाएगी बिल
चिकित्सा शिक्षा मंत्री गजेंद्र खींवसर ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन्स फॉर रेगुलेशंस ऑफ़ कोचिंग सेंटर के तहत प्रत्येक कोचिंग सेंटर में एक काउंसलर की नियुक्ति अनिवार्य है। इसी तर्ज़ पर प्रदेश में कोचिंग सेंटर्स के रेगुलेशन के लिए गाइडलाइन्स का ड्राफ्ट तैयार किया जा चुका है। जल्द ही इसको लेक बिल लाया जाएगा। जिससे कोचिंग सेंटर्स में काउंसलर की नियुक्ति पर निगरानी रखी जा सकेगी।





