राजस्थान विधानसभा में आज प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा हो गया। स्पीकर वासुदेव देवनानी ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा समेत निलंबित 6 विधायकों को सदन से जाने को कहा। निलंबित विधायक सदन में डटे हुए हैं। हंगामे के चलते दो बार सदन की कार्यवाही स्थगित हुई।
नारेबाजी-हंगामे के बाद निलंबित 6 कांग्रेस विधायकों को बाहर निकालने के लिए विधानसभा स्पीकर ने सदन में मार्शल बुलाए। सदन में मार्शल बुलाए जाने के बाद तनाव के हालात हो गए, कांग्रेस विधायकों की मार्शलों से धक्का-मुक्की हो गई। निलंबित विधायकों का घेरा बना लिया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा- मार्शल बुलाना, दादागिरी दिखाने जैसा।
इससे पहले सोमवार को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया था। कांग्रेस विधायक वैल में नारेबाजी करने लगे थे। हंगामे और नारेबाजी के बीच ही प्रश्नकाल की कार्यवाही जारी रही थी। स्पीकर ने कहा- जिन्हें निलंबित किया है वे सदन से बाहर चले जाए, लेकिन निलंबित 6 विधायकों ने इस पर ध्यान नहीं दिया।
हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। 12 बजे सदन की कार्यवाही फिर शुरू होते ही कांग्रेस का हंगामा जारी रहा। स्पीकर ने निलंबित विधायकों को फिर बाहर जाने को कहा, लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद स्पीकर ने शून्य काल में आगे का कामकाज शुरू करवा दिया।
नारेबाजी के बीच ही शून्यकाल की कार्यवाही शुरू हुई। दोपहर 12.14 बजे फिर से दूसरी बार कार्यवाही को 1 बजे तक स्थगित कर दिया।


विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल की बैठक में आज सुबह आगे की रणनीति बनाई गई। बैठक के बाद नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली से संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म मिले। देर रात भी दोनों मंत्रियों ने कांग्रेस विधायकों से गतिरोध तोड़ने पर वार्ता की थी। इस मुलाकात के बाद स्पीकर के चेंबर में पहुंचे थे।
कांग्रेस विधायकों का सदन में धरना चौथे दिन भी जारी है। कांग्रेस विधायकों ने लगातार तीन रात सदन में ही गुजारी। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत की इंदिरा गांधी पर की गई टिप्पणी के बाद बना गतिरोध कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित 6 विधायकों को निलंबित करने के बाद विवाद बढ़ गया था।
कांग्रेस विधायक दल की बैठक में बनी थी रणनीति रविवार को सदन में धरने के दौरान ही कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई थी। विधायक दल की बैठक में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने विरोध जारी रखने का फैसला किया था। विधायकों से एकजुट होकर विरोध करने को कहा गया था।

सदन में गतिरोध नहीं टूटा तो बजट पर बहस नहीं हो पाएगी विधानसभा में अभी केवल एक दिन बहस हुई है। गतिरोध नहीं टूटा तो बजट बहस होना संभव नहीं है। बजट पर बहस से ही सरकार अपनी घोषणाओं को लेकर नरेटिव बनाती है। ऐसे में सरकार के रणनीतिकार गतिरोध तोड़ने के लिए सुलह के प्रयासों में लगे हैं।

जानिए- यहां से शुरू हुआ था विवाद विधानसभा में 21 फरवरी को प्रश्नकाल के दौरान सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत की इंदिरा गांधी पर की गई टिप्पणी पर कांग्रेस ने वैल में आकर हंगामा किया था। अविनाश गहलोत ने सवाल के जवाब में कहा था कि 2023-24 में आपकी दादी इंदिरा गांधी के नाम पर योजना का नाम रखा था।
मंत्री की इस टिप्पणी के विरोध में कांग्रेस विधायकों ने वैल में आकर हंगामा किया था। संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने कहा था कि दादी सम्मानित शब्द है। पटेल बोल रहे थे इसी दौरान हंगामा बढ़ गया था। कांग्रेस विधायक स्पीकर की टेबल तक पहुंचने लगे थे। इसी दौरान स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को आधे घंटे के लिए स्थगित कर दिया था। इस मुद्दे पर बने गतिरोध के कारण सदन की कार्यवाही चार बार स्थगित हुई थी।
मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कांग्रेस विधायकों के सस्पेंड का प्रस्ताव रखा था।स्पीकर वासुदेव देवनानी ने गोविंद सिंह डोटासरा, उप नेता प्रतिपक्ष रामकेश मीणा, अमीन कागजी, जाकिर हुसैन गैसावत, हाकम अली खान और संजय कुमार को बजट सत्र की बची हुई अवधि के लिए निलंबित कर दिया था।

कहां पर उलझी बात टिप्पणी के बाद हुए हंगामे में डोटासरा और छह कांग्रेस विधायक विधानसभा स्पीकर के सामने टेबल तक पहुंच गए थे। हाथों से आक्रामक इशारे कर रहे थे।
वासुदेव देवनानी ने इसे स्पीकर का अपमान और सदन के अनुशासन भंग करने से जोड़कर गलत बताया। निलंबन का आधार भी यही था।
स्पीकर चाहते हैं कि पहले गोविंद सिंह डोटासरा माफी मांगे। उसके बाद आगे की बात हो। उधर कांग्रेस पहले मंत्री से माफी मंगवाने की बात कर रही है। इसी पर गतिरोध बना हुआ है।






