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मल्लिकार्जुन खडगे नेता प्रतिपक्ष राज्यसभा, राहुल गांधी सांसद, लोकसभा, अशोक गहलोत मुख्यमंत्री द्वारा आज गांधी वाटिका का करेंगे लोकार्पण 

जयपुर (सुनील शर्मा) नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के मार्गदर्शन और राजस्थान सरकार की पहल से महात्मा गांधी की स्मृति में राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक अभिनव निर्माण हुआ है।जिसका नाम ’गांधी-वाटिका’ रखा गया है।राज्य सरकार की 2021-22 बजट घोषणा के तहत जयपुर विकास प्राधिकरण ने इसका निर्माण किया है।इस कार्य पर लगभग 85.00 करोड़ रूपये की राशि व्यय की गई है।
गांधी-वाटिका के गांधी दर्शन को उतारने के लिए राजस्थान सरकार ने गांधी-विचारकों की एक 11 सदस्यीय समिति का गठन किया जिसके मार्गदर्शन में, गहरी शोध के साथ इसकी विषय-वस्तु तैयार की गई है।
जयपुर विकास आयुक्त डॉ.जोगा राम ने बताया कि इस विषय-वस्तु के आधार पर भवन का नक्शा बनाया गया। विभिन्न स्थानीय साधनों के इस्तेमाल से गांधी-वाटिका को इस तरह आकार दिया गया है कि इससे हमारे सेंट्रल पार्क के पर्यावरण की वृद्धि हो।सादगी,शांति और संयम इस वाटिका का आधार है ।
डिजिटल एवं नवीन तकनीक पर आधारित गांधी-वाटिका के तीन हिस्से महत्वपूर्ण हैं।पहला हिस्सा (तल मंजिल) पर है जिसमें अंग्रेजों के भारत आगमन से लेकर गांधीजी के दक्षिण अफ्रीका प्रवास तक को अंकित किया गया है।इसे पांच खंडो में बांटा गया हैः
1) वैभव की रोशनी – गुलामी का अंधेरा
2) आजादी की आहट
3) 1857 की बगावत और घबराए अंग्रेज
4) गांधी एक बड़े आदमी की छोटी सी कहानी
5) दक्षिण अफ्रीकाः गांधी के अनुभव और उनका आंतरिक परिवर्तन
दूसरा खंड बीच के माले पर है,जहां गांधीजी के भारत में अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलनों और उनके दर्शन को समेटा गया है।इसे पांच खंडों में बांटा गया हैः
1) स्वदेश आगमन
2) गांधीमय हुआ देश
3) 1942ः अंग्रेजों भारत छोड़ो
4) भारत को चुनौती देती सांप्रदायिक ताकतें
5) आखिरी दिन आखिरी प्रयोग
तीसरा खंड ऊपरी माले पर है,जिसमें आपको एक विशेष पुस्तकालय, सेमीनार हॉल और एक कॉन्फ्रेंस कक्ष मिलेगा।जिसे तीन खंडों में बांटा गया हैः
1) राजस्थान ने पकड़ी गांधी की राह
2) गांधीःअपने आईने में मैं
3) गांधीजी जी के सपनों का संसार
भवन को बनाते समय मिट्टी की
1- दीवारें खास तौर पर तैयार की गई हैं – इससे भवन की सादगी और पर्यावरण की हरियाली व संतुलन को बल मिला है।
2- वाटिका की सुंदर हरियाली को चौतरफा बढ़ावा देने के लिए लगभग 14 हजार पेड़-पौधे लगाए गए हैं।
3- इस प्रोजेक्ट को शीघ्रता से पूर्ण करने के लिए विभिन्न फेजों में खुली निविदा प्रक्रिया से,एजेंसीयो के बीच समन्वय साध कर निर्माण और प्रोजेक्ट तालमेल द्वारा इतने विशाल प्रोजेक्ट को रिकार्ड टाइम पर पूरा किया गया है।
4- वाटिका की केलू की छत और इसके भवन की ऊंचाई ऐसी है जो हमारे सेंट्रल पार्क की प्रकृति से एकदम मिल जाती है और उसकी सुंदरता को बढ़ाती है।
5- वाटिका के भीतर आपको इसके प्रशासकीय खंड के अलावा दो प्रदर्शन-कक्ष,मध्यवर्ती हरा मैदान,एक गांधी-पुस्तकालय,कैफेटेरिया,खुला नाट्य-मंच,खुला बड़ा मंच,विर्मश कक्ष आदि सुविधाएं मिलेंगी जहां सभी तरह के लोग अपनी जरूरत के मुताबिक आ सकेंगे।
6- वाटिका-क्षेत्र का निर्माण 14500 वर्गमीटर में हुआ है, वाटिका का अपना क्षेत्रफल लगभग 7560 वर्गमीटर है।
7- 100: पावर बैकअप के साथ, आपातकालीन परिस्थितियों के लिए यह भवन तैयार किया गया है।
Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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