पिछले दिनों विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच चले गतिरोध को लेकर बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा है कि मुझे कांग्रेस की विपक्ष की भूमिका को लेकर भी शंका होती है। मैं पिछले कुछ दिनों से देख रहा हूं। विरोध हम भी करते थे, हल्ला हम भी करते थे। लेकिन हमारा विरोध तार्किक आधार पर होता था। कांग्रेस की स्थिति हल्ला करने की ज्यादा है, तर्क नहीं है। उसके पीछे तैयारी नहीं है, कोई वेदना नहीं है। केवल उनके पुराने मुद्दे उखड़कर सामने नहीं आ जाए, इसकी फिक्र उनको ज्यादा है।
इसलिए कांग्रेस के नेताओं के आचरण को देखकर लगता है कि जैसे चुगलखोर पड़ोसन होती है, उसका काम मोहल्ले में अशांति फैलाना होता है। उस किस्म का सा काम है।
पेपर लीक में सभी पर कार्रवाई होगी
विपक्ष में रहने के दौरान बीजेपी ने कांग्रेस के बड़े नेताओं पर पेपर लीक में शामिल होने के गंभीर आरोप लगाए थे। आज बीजेपी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सतीश पूनिया ने कहा कि हमें विरासत में इतनी पेचीदा व्यवस्था मिली है। कुछ कानूनी पेचीदगियां होती है, कुछ परिस्थितियां है। मुझे पूरा भरोसा है, संकल्प पत्र में एसआईटी का वादा पूरा करने और प्रकरणों में गिरफ्तारियों के बाद सरकार पूरी तरह से संकल्पित है। कोई हो, किसी किस्म का हो। इस पर सरकार पूरी तरह तरीके से प्रतिबद्ध है। आज नहीं तो कल, कोई ना कोई ठोस कार्रवाई निश्चित रूप से होगी।
जनता ने कांग्रेस को उसके पाप का दंड दिया
सतीश पूनिया ने कहा कि पिछले दिनों प्रदेश में रीट की परीक्षा बहुत अच्छे तरीके से आयोजित हुई। मुझे याद आता है जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी। हालांकि कांग्रेस को उसके पापों का दंड जनता ने सत्ता से बेदखल करके दे दिया। कांग्रेस के सत्ता से बेदखल होने के अगर 10 कारण थे तो उनमें सबसे बड़ा कारण पेपर लीक था।
जिस परीक्षा का इतिहास और उसकी पृष्ठभूमि इतनी विकृत थी। जिस पर सब की निगाहें थी। इसलिए मैं मुख्यमंत्री को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने इस परीक्षा को बहुत अच्छे तरीके से आयोजित करवाया।






