खाटू में फाल्गुनी एकादशी के मुख्य मेले पर 125 किलो चांदी से बने डेढ़ करोड़ रुपए के भव्य रथ में बाबा श्याम का नगर भ्रमण निकला। इस दौरान भक्तों की भीड़ रथ को छूने के लिए आगे बढ़ी, जिसे पुलिस ने नियंत्रित किया।
रविवार रात से ही मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ जमा है। सभी 14 लाइन फुल हैं और 75 फीट ग्राउंड पर हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए कतारबद्ध हैं। भक्तों पर ठंडे पानी और इत्र की बौछार की जा रही है।
यात्रा प्राचीन श्याम कुंड से शुरू होकर, अस्पताल चौराहा और पुराना बस स्टैंड होते हुए मुख्य बाजार के कबूतर चौक पर समाप्त होगी। नगर भ्रमण में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है।
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा आज दोपहर 2 बजे के बाद खाटू के लक्खी मेले में शिरकत करेंगे। वहीं, रींगस रोड पर श्रद्धालु की जेब से मोबाइल निकालते समय आरोपी को भीड़ ने धर दबोचा।
फाल्गुनी एकादशी पर बाबा श्याम का नगर भ्रमण, देखिए PHOTOS…




रींगस रोड से आने वाले भक्त कारपेट पर चलेंगे खाटू श्याम के दर्शन करने के लिए पिछले साल की तरह इस बार भी 14 लाइनें लगेंगी। इनके जरिए भक्त बाबा की चौखट तक पहुंचेंगे। रींगस से खाटू तक कारपेट बिछाया जाएगा। श्रद्धालुओं को खाटू धाम पहुंचने के बाद भी 8 किलोमीटर का सफर करना होगा।
रींगस रोड से आने भक्तों को नगरपालिका (खाटू) के पास मुख्य प्रवेश द्वार से होकर आना होगा। यहां से वे चारण मैदान पहुंचेंगे। चारण मैदान में टीन शेड से कवर अस्थायी जिगजैग बनाए गए हैं। यहां से होकर लखदातार मैदान में पहुंचेंगे।
SDM बोलीं- इस बार 9 ब्लॉक बनाए मेला प्रभारी व एसडीएम मोनिका सामोर ने बताया- पिछली बार चारण खेत में दर्शन के लिए 7 ब्लॉक बनाए थे। इस बार भीड़ को देखते हुए 9 ब्लॉक बनाए हैं। सरकारी प्रोटोकॉल वाले VIP को छोड़कर सभी के लिए VIP दर्शन व्यवस्था पूरी तरह बंद रहेगी।
दिव्यांग-बुजुर्गों के लिए दर्शन की अलग व्यवस्था रहेगी। मंदिर से करीब 250 मीटर की दूरी पर लाला मांगेराम धर्मशाला के पास ही व्हील चेयर्स की सुविधा रहेगी। अलग लाइन में व्हील चेयर पर दिव्यांगों को इसी लाइन से मंदिर तक ले जाया जाएगा।
देखिए रविवार रात के ड्रोन शॉट, चारणखेत में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब


पहली बार बाबा की मूर्ति से 50 मीटर पहले मेटल डिटेक्टर मंदिर परिसर की 14 लाइन में पहली बार मेटल डिटेक्टर मशीनें भी लगाई गई हैं। हर साल रींगस डायवर्जन के पास जहां से भक्त दर्शनों के लिए लाइन में लगना शुरू होते हैं, वहां पर मेटल डिटेक्टर और अन्य उपकरणों से जांच होती है। इस बार सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। मंदिर में जहां बाबा की मूर्ति लगी हुई है उससे 50 मीटर पहले मंदिर कमेटी की दीवार के पास सभी लाइनों में नए मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं। इस बार मेले में जो भी भक्त आएंगे उन्हें मेटर डिटेक्टर से गुजरना होगा।

400 से ज्यादा CCTV कैमरों से होगी निगरानी रींगस से खाटूश्यामजी रास्ता और खाटू नगरी को पूरी तरह सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रहेंगी। 400 से ज्यादा सीसीटीवी हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। अलोदा तिराहा, मंढा रोड और रींगस रोड पर भी कैमरे लगाए गए हैं। इस बार पूरा मेला ड्रोन कैमरों से भी कवर किया जाएगा।
सुरक्षा को और अधिक मजबूत करने के लिए चार दिशाओं में बड़े विद्युतीकृत गेट स्थापित किए गए हैं। गेट चार देवताओं की आकृतियों से सुसज्जित हैं। मेले में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। 10 सेक्टर में करीब 500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। आरएसी के 4500 जवान भी तैनात होंगे।
रींगस डायवर्जन, चारण मेला मैदान प्रवेश द्वार, लामिया रोड और दांता रोड पर विशेष सुरक्षा द्वार लगाए हैं। भक्तों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मंदिर परिसर और आस-पास के इलाकों में भी पुलिस बल तैनात है। मेले की सुरक्षा का जिम्मा 5 हजार से ज्यादा पुलिस के जवानों के पास है।
अब देखिए, मेले से जुड़ी PHOTOS…










